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कोविड जांच केंद्रों पर आंच, एक साथ कतार में बीमार-संदिग्ध, 2-2 दिन तक टेस्ट नहीं

कोविड जांच केंद्रों पर आंच, एक साथ कतार में बीमार-संदिग्ध, 2-2 दिन तक टेस्ट नहीं

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर में बढ़ रहा कोरोना संक्रमण। प्रशासन की शिकायत थी कि लोग आगे नहीं आ रहे हैं। अब जब लोग जांच के 
लिए सामने आने लगे, तो व्यवस्था की पूरी पोल ही खुल गई। आनन-फानन में बनाए गए कोविड सेंटर की अव्यवस्था से अब लोग परेशान हैं 10.30 बजे तक सेंटर शुरू ही नहीं 

1. सतरंजीपुरा जोन अंतर्गत प्रभाग क्रमांक 20 के जागनाथ बुधवारी में मनपा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड टेस्टिंग सेंटर बनाया गया है, लेकिन पहुंचने पर पता चला कि सेंटर शिफ्ट कर दिया गया है। जानकारी के अभाव में लोग इस सेंटर में आकर पूछताछ करते रहते हैं। सतरंजीपुरा जोन कार्यालय के पास एंडलवाड़ी शाला में यह सेंटर शुरू किया गया है। सेंटर सुबह 10.30 बजे तक शुरू ही नहीं हुआ था, जबकि  8-10 लोग काेविड जांच के लिए आधे घंटे से बैठे थे। बैठने की व्यवस्था तक नहीं यहां।  
यहां 11 बजे भी डॉक्टर का इंतजार

2. प्रभाग क्रमांक 21 के मुदलियार चौक स्थित शांतिनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड टेस्टिंग सेंटर बनाया गया है। सुबह 11 बजे यहां 5-6 लाेग बैठे थे। आधे घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। बैठने की व्यवस्था नहीं। सेंटर के मुख्य दरवाजे के बगल की खिड़की से हिदायतें दी जी रही थीं। एक पॉजिटिव व्यक्ति को कहा गया कि घर में क्वारेंटाइन रहें, गर्म पानी पीते रहें। इस व्यक्ति को उपचार की प्रक्रिया तक नहीं बताई गई।
जगह कम, सोशल डिस्टेंसिंग कैसे

3. लकड़गंज जोन अंतर्गत प्रभाग क्रमांक 25 के पारडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कोविड टेस्टिंग सेंटर बनाया गया है। हर समय 20-25 लोगों की भीड़ लगी रहती है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी है, लेकिन यहां जगह की मजबूरी है। कोई सुरक्षा रक्षक नहीं। एक मैडम समझाती फिर रही थीं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। हर कोई चाहता था कि सबसे पहले उसका नंबर लग जाए।

बीमार-संदिग्ध एक साथ कतार में, 2-2 दिन तक टेस्ट नहीं

कोराेना संक्रमण को रोकने के लिए पहले प्रशासन द्वारा शहर के 21 स्थानों पर कोविड टेस्टिंग सेंटर शुरू किए जाने का दावा किया गया था। अब इनकी संख्या घटकर 17 हो चुकी है। इनमें 11 कोविड टेस्टिंग सेंटर और 6 कोविड केयर सेंटर हैं। मनपा आयुक्त ने 38 सेंटर शुरू करने की घोषणा की है। जो शुरू है, उन सेंटरों का लाभ अधिकतर लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दो-दो दिन तक टेस्ट नहीं हो पा रही है। सेंटर की जिम्मेदारी जिन लोगों को सौंपी गई है, वे लोगों को टरकाने में लगे हैं।

दिनभर में जितने पॉजिटिव पाए जाते हैं, उनका डेटा प्रशासन के एक अधिकारी के पास रात 8.30 बजे पहुंचता है। लक्षणों के आधार पर वर्गीकरण होता है। अगले दिन सुबह से प्राथमिकता तय की जाती है। इसके बाद ही उपचार के लिए सरकारी दवाखानों के साथ ही अन्य सेंटरों में ले जाया जाता है। 

सामान्य लक्षणवालों को तीन-चार दिन में और गंभीर व अति गंभीर लक्षणों वाले संक्रमितों को 10 दिन या इससे अधिक समय तक रखा जाता है। रिपोर्ट से लेकर उपचार शुरू होने की प्रक्रिया में 12 से 24 घंटे तक लग जाते हैं। इस दौरान संक्रमित घर या बाहर कई लोगों के संपर्क में ही रहता है।  लक्षण देखकर आगे की प्रक्रिया

डॉ. विजय जोशी, प्रभारी अधिकारी नियंत्रण कक्ष मनपा के मुताबिक दिन भर में जितनी रिपोर्ट आती है, उनका ब्येरा एक वरिष्ठ अधिकारी को भेज दिया जाता है। इसके बाद सामान्य, गंभीर व अति गंभीर लक्षणों को देखा जाता है। उसके अनुसार अगले दिन से उन्हें उपचार के लिए भेजा जाता है। मनपा के सेंटरों में जांच करने की सुविधा है। नागरिकों को वहां कोई दिक्कत नहीं होगी, इसका ध्यान रखा जा रहा है। 

मनपा स्वास्थ्य सभापति कुकरेजा भी पॉजिटिव

मनपा स्वास्थ्य समिति सभापति वीरेंद्र कुकरेजा की कोरोना रिपाेर्ट पॉजिटिव आई है। स्वैब टेस्ट में उनके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उन्हें डॉक्टर ने होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी है। उन्होंने पिछले सात दिन में संपर्क में आए लोगों से कोरोना जांच कराने की अपील की है, ताकि कोरोना संक्रमण का पता चलने पर उपचार किया जा सके। स्वस्थ होकर पुन: जनसेवा में सक्रिय होने का उन्होंने जनता को आश्वस्त किया।

केस

1 घर जाओ और गर्म पानी पीते रहो
शनिवार को एक व्यक्ति बदन दर्द व बुखार की शिकायत लेकर पहुंचा। बताया-सोमवार को गुलमोहर नगर के एक निजी दवाखाने में गया। डॉक्टर ने सोमवार और मंगलवार की दवा दी। आराम नहीं हुआ तो डॉक्टर ने सलाह दी कि कोविड टेस्ट करा लीजिए। बुधवार को 11 बजे शांतिनगर स्थित मनपा के कोविड टेस्टिंग सेंटर में व्यक्ति  गया, तो वहां पहले से 7-8 लोग थे। एक मैडम ने नाम, नंबर लिखा। थोड़ी देर में एंटीजन रैपिड टेस्ट किया गया। रिपोर्ट आने के पहले ही इस व्यक्ति को बता दिया गया कि उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आनेवाली है। दोपहर 12.15 बजे उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, पर रिपोर्ट नहीं दी गई। 

केस

2 डॉक्टर या कार्यालय का पत्र मांगा गया

दो दिन पहले एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसके संपर्क में रहने वाला डर गया। जांच कराने वह मनपा के बाबुलखेड़ा स्थित कोविड टेस्टिंग सेंटर गया। यहां उसका टेस्ट नहीं किया गया। सेंटर के जिम्मेदारों ने कहा कि ऐसे टेस्ट नहीं होती। किसी डॉक्टर का या कार्यालय का पत्र चाहिए। इसी बीच किसी ने बताया कि टेस्ट हो जाएगा, लेकिन सुबह आना पड़ेगा। बाद में उसे पता चला कि मानेवाड़ा रोड पर एक सेंटर है, वहां टेस्ट होती है। वहां पहुंचा तो मालूम हुआ कि ई-पास के लिए भीड़ लगी है। उसके फॉर्म बंट रहे हैं। यहां के डॉक्टर ने बताया कि टेस्टिंग के लिए कल आना पड़ेगा। आज टेस्टिंग नहीं हो पाएगी। डॉक्टर ने यह भी कहा कि हुड़केश्वर और मानेवाड़ा के सेंटर आल्टरनेट चल रहे हैं। एक दिन एक ही शुरू रहता है।

23 की मौत 659 संक्रमित

शनिवार को 24 घंटे में नागपुर जिले में कोरोना पॉजिटिव 23 मरीजों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 659 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। कुल 8406 मरीज अब तक संक्रमित हो चुके हैं। शनिवार को पॉजिटिव आए मरीजों में ग्रामीण के 109 और शहर के 550 मरीज हैं। जिले में अब तक कुल 292 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है। इसमें 47 ग्रामीण, 201 शहरी और 44 जिले के बाहर के रहने वाले हैं। शनिवार को 209 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे हैं। अब तक 4546 मरीज ठीक हो चुके हैं।

टेकड़ी वाड़ी में 43 की एंटीजन जांच, 5 पॉजिटिव

वाड़ी में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा लगातार बढ़ने से नगर परिषद की चिंता बढ़ गई है। मुख्याधिकारी जुम्मा प्यारेवाले को कामठी नगर परिषद का अतिरिक्त प्रभार देने से वाड़ी नप की ओर भी ध्यान देना पड़ रहा है। शनिवार को टेकड़ी वाड़ी जिला परिषद प्राथमिक स्कूल में 43 लोगों की एंटीजन टेस्ट की गई जिसमें 3 लोग वाड़ी और 1-1 डिफेंस तथा नक्सल प्रशिक्षण केंद्र सुराबर्डी के जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए। नगरसेवक शाम मंडपे के साथ नगर परिषद कर्मचारियों ने भी अपनी कोरोना जांच कराई। वाड़ी में अभी तक 105 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। वाड़ी में 39 प्रतिबंधित क्षेत्र को सील किया गया है जबकि 2 क्षेत्रों के सील खोलने के आदेश उपविभागीय अधिकारी ने नगर परिषद को दिए हैं। वाड़ी के वेल्ट्रीट अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद भी नगर परिषद ने अस्पताल को सील करने की कार्रवाई नहीं की। जिस माले पर पॉजिटिव महिला को रखा गया था, उस ऊपरी माले को अस्पताल के संचालक ने ताला लगाया। अस्पताल के स्टाफ की जांच भी नप की ओर से नहीं करने की जानकारी नप स्वास्थ्य विभाग ने दी। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए नागरिकों से अपनी सुरक्षा खुद करने, मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग करने का आह्वान नप स्वास्थ्य निरीक्षक धनंजय गोतमारे, डॉ. सुषमा धुर्वे ने किया है।  

कोरोना मरीजों के उपचार में दिन-रात अपनी सेवाएं देने वाले चिकित्सकों में भी अब लगातार संक्रमण बढ़ रहा है।  मेडिकल और मेयो में अब तक 45 निवासी चिकित्सक व इंटर्न कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। 

सुविधा नहीं होने से नाराजगी

जानकारी के अनुसार मेडिकल में अब तक कुल 36 को कोरोना हो चुका है। इसमें 21 इंटर्न हैं, जबकि 15 निवासी चिकित्सक हैं। मेयो में 9 को 6 इंटर्न और 3 निवासी चिकित्सक संक्रमित हैं। शहर में लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे मरीजों को अस्पतालों में कैटेगरी बनाकर भर्ती किया जा रहा है। इसके बाद भी अस्पतालों में पलंग लगभग भर चुके हैं। ऐसे में कई बार उपचार के लिए मेडिकल स्टाफ को भी परेशानी उठानी पड़ती है, जबकि वह दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। 

कोरोना : सेंट्रल रेलवे ने शिफ्ट किया कंट्रोल रूम

दपूम रेलवे नागपुर मंडल के कंट्रोल रूम में कर्मचारी लगातार कोरोना पॉजिटिव मिलने से सेंट्रल रेलवे सकते में है। जिसके चलते शनिवार को अगले दो दिनों के लिए सेंट्रल रेलवे के कंट्रोल रूम को परिसर की गुंजन इमारत में शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि, प्रशासन इसे केवल प्लान-बी की टेस्टिंग बता रहा है। अभी तक कोई कर्मचारी पॉजिटिव नहीं : जयस्तंभ चौक पर सेंट्रल रेलवे व दपूम रेलवे का डीआरएम कार्यालय है। इसी परिसर में दोनों विभाग के कंट्रोल रूम हैं। जहां से ट्रेनों का संचालन किया जाता है। प्रतिदिन 100 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। गत दो दिनों से दपूम रेलवे नागपुर मंडल के कंट्रोल रूम से कोरोना पॉजिटिव कर्मचारी सामने आ रहे हैं। हालांकि, सेंट्रल रेलवे के कंट्रोल रूम में अभी तक एक भी कर्मचारी सामने नहीं आया है। प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए अगले दो दिन के लिए इस इमारत से अपना कंट्रोल रूप गुंजन इमारत में शिफ्ट किया है। हालांकि दपूम रेलवे के पास पर्यायी व्यवस्था होने के बाद भी खबर लिखे जाने तक कंट्रोल रूम को शिफ्ट नहीं किया गया था।

एस.जी. राव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने कहा कि हमारे पास कंट्रोल रूम के लिए पर्यायी व्यवस्था है। जरूरत पड़ने पर हम यहां से काम कर सकते हैं। 

वा. राठोड़, एडीआरएम, दपूम रेलवे के मुताबिक अभी तक हमारा कंट्रोल रूम शिफ्ट नहीं किया गया है।


 

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