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दुकान खरीदी–बिक्री के नाम पर 16 लाख की धोखाधड़ी, नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी

दुकान खरीदी–बिक्री के नाम पर 16 लाख की धोखाधड़ी, नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। तहसील क्षेत्र की एक दुकान खरीदी – बिक्री के नाम पर 16 लाख की धोखाधडी किए जाने का मामला सामने आया है। दुकान को दो लोगों ने साझेदारी में खरीदने का निर्णय लिया। आरोप है कि एक साझेदार ने दुकान बिक्रेताओं के साथ मिलकर अपने ही साझेदार के साथ विश्वासघात किया। साझेदार ने आरोपियों के साथ मिलकर दुकान के फर्जी दस्तावेन तैयार करवाकर रजिस्ट्री अपने नाम करा ली, जब यह बात दूसरे साझेदार को पता चली तब उसने आरोपी उमेश कापसे, राजेश विमलकर और हितेश खोकले के खिलाफ तहसील थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने विनय कालपांडे के साथ यह धोखाधडी वर्ष 2018 से फरवरी 2020 के दरमियान की। न्यायालय के आदेश पर तहसील पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420,465,466,467,468,470,471,477 के तहत मामला दर्ज किया है। तहसील पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्लाट नंबर 140 रुख्मिणीनगर हुडकेश्वर निवासी विनय कृष्णराव कालपांडे (37) ने आरोपी उमेश श्रीकृष्णराव कापसे (29) प्लाट नंबर 6 महात्मागांधीनगर हुडकेश्वर रोड, राजेश रामलाल विमलकर (48) वैष्णोमाता मंदिर खापरी नाका शंकरपुर रोड नागपुर और हितेश तुलसीराम खोकले (35) पांचपावली रोड गांजाखेत चौक महात्मा फुले बाजार नागपुर निवासी के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज कराया है। विनय ने पुलिस को बताया कि उमेश कापसे ने गांजाखेत चौक निवासी हितेश से उसकी मुलाकात कराई। उमेश और विनय एक दूसरे के परिचित हैं। यह दोनों एक दूसरे के मित्र भी हैं। आरोपी उमेश ने विनय का हितेश से परिचय कराने के समय बताया कि हितेश की गांजाखेत चौक महात्माफुले बाजार में दुकान है। वह उसे बेचना चाहता है। आरोपी उमेश और हितेश ने विनय को प्रलोभन दिया। जब विनय दुकान खरीदने की तैयारी दिखाई तब आरोपी उमेश ने उसमें साझेदार बनने की बात की। उमेश और विनय ने हितेश की दुकान को 16 लाख रुपए में खरीदने का सौदा किया। विनय और उमेश ने आधा- आधा पैसे देने की बात की। 16 लाख रुपए लेने के बाद हितेश ने विनय और उमेश के नाम पर दुकान का बिक्री पत्र तैयार कर दिया। हितेश द्वारा उमेश और विनय को बिक्री पत्र करने के बाद आरोपी उमेश ने आरोपी राजेश रामलालजी विमलकर और हितेश के साथ दोबारा मिलकर उक्त दुकान के फर्जी दस्तावेज तैयार किया। इस बारे में विनय को बिना कुछ बताए ही आरोपियों ने वापस उस दुकान को उमेश के नाम पर बिक्री पत्र कर दिया। आरोपियों ने खुद के आर्थिक फायदे के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर विनय के साथ ठगी की। इस मामले में विनय का दोस्त उमेश भी शामिल हो गया। जब विनय को यह बात पता चली तब उसने न्यायालय में गुहार लगाई। न्यायालय के आदेश पर तहसील थाने की महिला सहायक पुलिस निरीक्षक गुजर ने आरोपी उमेश, राजेश और हितेश के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज किया है।

दवा निर्माण कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी

उधर मानकापुर क्षेत्र के एक युवक को दवा निर्माण कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक आरोपी ने उसे 14 हजार रुपए का चूना लगा दिया। पीडित युवक की शिकायत पर मानकापुर पुलिस ने एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार प्लाट नं. 149, अयप्पा नगर, एस.बी सोसायटी, रिंग रोड, नागपुर निवासी हुसबान खान अब्दुल वजीद खान (23) ने मानकापुर थाने में धोखाधडी का मामला दर्ज कराया है। उसने पुलिस को बताया कि उसके मोबाइल पर 17 से 19 जुलाई 2019 के दरमियान उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया। उसने हुसबान खान से नौकरी के विषय में चर्चा किया। हुसबान खान ने नौकरी डॉट कॉम बेवसाइट पर नौकरी के लिए अपना अकाउंट खोल रखा था। इसलिए उसे लगा कि शायद उसी के माध्यम से वह व्यक्ति उसे फोन किया होगा। फोन करने वाले व्यक्ति ने उससे नौकरी के बारे में काफी बातचीत की। उसकी बातों पर हुसबान को यकीन हो गया। उस अपरिचित व्यक्ति ने उन्हें सन फार्मास्टिकल कंपनी में नौकरी दिलाने का नाम लालच दिया। उन्हें लगा कि वह नौकरी दिला देगा। उसने नौकरी डॉट कॉम बेवसाइट के माध्यम से हुसबान खान से बातचीत कर रहा था। उसने नौकरी दिलाने के लिए आरोपी ने पंजीयन व अन्य दस्तावेज की प्रक्रिया को पूरा करने के नाम पर अलग- अलग समय में पैसे की मांग की। आरोपी के झांसे में आकर हुसबान ने बैंक ऑफ बडौदा और सिंडीकेट बैंक से आरोपी को 14 हजार रुपए भेज दिया। आरोपी ने रुपए मिलने के बाद हुसबान से बातचीत करना बंद कर दिया। आरोपी ने जब संपर्क बंद कर दिया तब हुसबान को समझ में आ गया कि नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने उन्हें चूना लगा दिया है, तब उन्होंने मानकापुर थाने में जाकर शिकायत की। मानकापुर थाने के उपनिरीक्षक सहारे ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420 सहधारा 66, 66 (सी)(डी) आई.टी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

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