दैनिक भास्कर हिंदी: Crime : मुंबई में पिता के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर बेटे ने लिया ढाई करोड़ का कर्ज, ठगी का आरोपी झारखंड से गिरफ्तार 

December 7th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। फर्जी हस्ताक्षर कर संपत्ति गिरवी रखकर ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज लेने वाले अपने ही बेटे के खिलाफ एक 77 वर्षीय बुजुर्ग ने एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी तब हुई जब बैंक के कर्ज वसूली के लिए आए कागजात सुरक्षा रक्षक ने उन्हें दिए। बोरीवली पुलिस धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन में जुटी हुई है।मामले की शिकायत करने वाले हस्तीमल जैन ने पुलिस को बताया कि साल 1993 में अपनी शादी के बाद से ही उनका बेटा प्रमोद उनसे अलग रह रहा है। उनका कमलेश नाम का एक और बेटा था जिसकी कमाई से घर चलता था लेकिन अब उसकी मौत हो गई है। हस्तीमल की बेटी की भी शादी हो गई है। जैन के मुताबिक उन्होने एक शॉपिंग मॉल में दो दुकाने खरीदी जिसके बाद प्रमोद ने उनसे मेलजोल बढ़ाया और बच्चों की खिलौने की दुकान खोलने के नाम पर उनसे दुकाने ले लीं। बदले में वह मेंटेनेंस भरने के साथ हस्तीमल को भी खर्च के लिए कुछ पैसे देता था। लॉकडाउन में ढील के बाद सितंबर महीने में हस्तीमल अपनी दुकान पर गए तो उसे बंद पाया। प्रमोद से संपर्क करने पर बताया कि वह कर्ज में डूबा है और मेंटेनेंस और बिजली का बिल नहीं भर पाया है। इसलिए बिजली कट गई है। इसके बाद बेटे ने सुरक्षारक्षक के हाथों उन्हें कर्ज से जुड़े दस्तावेज भिजवाए तो हस्तीमल परेशान हो गए क्योंकि कर्ज के कागजात पर उनके नकली हस्ताक्षर किए गए थे। उनके नाम पर बेटे ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से एक करोड़ जबकि रतन इंडिया फाइनांस से एक करोड़ 53 लाख रुपए कर्ज लिए हैं इसके लिए दुकाने गिरवी रखी गईं हैं। बेटे के हाथों ठगी के शिकार हुए हस्तीमल ने बोरिवली पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। 

विदेश से पार्सल भेजने के नाम पर महिला को 16  लाख  का चूना लगाने वाले 4 गिरफ्तार 

उधर फेसबुक पर दोस्ती के बाद विदेश से पार्सल भेजने के नाम पर राजस्थान की एक 37 वर्षीय महिला को 16 लाख 26 हजार रुपए का चूना लगाने वाले चार आरोपियों को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों में से दो महिलाएं हैं जिनमें से एक ठगी की मास्टरमाइंड भी है। पीड़िता ने राजस्थान के चौपासनी हाउसिंह बोर्ड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में आरोपियों के मुंबई में होने की जानकारी मिलने के बाद राजस्थान पुलिस ने मुंबई पुलिस की मदद मांगी। जिसके बाद अपराध शाखा की यूनिट 10 ने इंस्पेक्टर विनय घोरपडे की अगुआई में आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक मामले में पकड़ी गई शीफा जाबिर चौधरी ही ठगी की मास्टर माइंड है। मामले में गिरफ्तार दूसरी महिला आरोपी शाहीन मजूमदार के नाम पर खोले गए बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया। इसके अलावा जितेंद्र वाढेर और गणेश फिरंगी नाम के दो आरोपियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक शीफा नाम की आरोपी ने मारको नाम से एक फर्जी फेसबुक एकाउंट बनाया जिसमें उसने खुद को यूके में रहने वाला बताया। फेसबुक एकाउंट से फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद शीफा ने महिला से चैटिंग शुरू की और नजदीकी बढ़ाई। इसके बाद उसने यूके से पीड़िता के लिए मंहगा गिफ्ट भेजने की बात कही। इसी साल 31 जुलाई को एक महिला ने शिकायतकर्ता को फोन कर कहा कि वह कस्टम्स से बोल रही है और उसका एक मंहगा पार्सल आया है जिसे क्लीयर करने के लिए 55 हजार 500 रुपए भरने पड़ेंगे। इसके बाद महिला को बताया गया कि पार्सल में 30 हजार पाउंड है और विदेशी मुद्रा होने के चलते आरबीआई कार्रवाई करेगी। महिला को डरा धमकाकर आरोपियों ने 16 लाख 26 हजार 900 रुपए ऐंठ लिए। मांग जारी रही तो परेशान महिला ने मामले की शिकायत पुलिस से की। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसा। 

ठगी का आरोपी झारखंड से गिरफ्तार 

खुद को बैंक का कर्मचारी बताकर कारोबारी को करीब छह लाख का चूना लगाने वाले एक 31 वर्षीय आरोपी को वडाला टीटी पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल समेत दो मोबाइल और 40 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। आरोपी ने ठगी के लिए जिस सिमकार्ड का इस्तेमाल किया था वह पश्चिम बंगाल के फर्जी पते पर खरीदा गया था। साथ ही ठगी की रकम जिस खाते में ट्रांसफर की गई वह गुजरात में था। आरोपी की चालाकियों के बावजूद पुलिस उसे दबोचने में कामयाब रही। गिरफ्तार आरोपी का नाम गंगाधर मंडल है। मंडल झारखंड राज्य के डुमका जिले में स्थित जोंका का रहने वाला है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को जाल बिछाकर आठ दिन इंतजार करना पड़ा तब वह मुंबई पुलिस के हत्थे चढ़ा। शिकायतकर्ता के मुताबिक मंडल ने उसे फोन कर दावा किया कि वह बैंक से बोल रहा है। इसके बाद उनके खातों से जुड़ी जानकारी और ओटीपी हासिल कर पेटीएम के जरिए उनके खाते से 5 लाख 84 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि ठगी के लिए जिस सिमकार्ड का इस्तेमाल किया गया है वह पश्चिम बंगाल के पते पर दर्ज है। जिस खाते में रकम ट्रांसफर की गई है वह गुजरात में है लेकिन फोन करने के दौरान आरोपी झारखंड में था। लेकिन फोन के आईएमईआई के सहारे पुलिस मंडल तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को इस तरह चूना लगाया है। 
 

 

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