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100 में 35 जबड़े को जकड़ रहा कैंसर , तंबाकू आदतों से हो रही खतरनाक बीमारी

100 में 35 जबड़े को जकड़ रहा कैंसर , तंबाकू आदतों से हो रही खतरनाक बीमारी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर शहर में दिनोंदिन ओरल (मुख) कैंसर के ज्यादा मामले सामने आने लगे हैं। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी रिजनल कैंसर सेंटर के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बीके शर्मा के अनुसार सेंटर में प्रति वर्ष पांच से साढ़े पांच हजार कैंसर के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें हर सौ मरीज में 35 ओरल कैंसर, 29 स्तन कैंसर और 27 मरीज सर्वाइकल कैंसर के होते हैं। पिछले कुछ समय में अपेक्षाकृत युवा वर्ग (आयु वर्ग 30 से 40) के बीच ओरल कैंसर का प्रमाण काफी बढ़ा है। 

गढ़ बनता जा रहा विदर्भ
तंबाकू की आदत के कारण महाराष्ट्र में विदर्भ ओरल कैंसर का गढ़ बनता जा रहा है। महाराष्ट्र में कैंसर और कैंसर के कारण मौत दोनों में ही पिछले तीन वर्षों की तुलना में लगभग आठ फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इनफॉरमेशन एंड रिसर्च और नेशनल कैंसर रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम के आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में इस बीमारी के कारण हुई मौत में से 9 फीसदी महाराष्ट्र में हुई हैं। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार भले ही राज्य में कैंसर की पहचान के मामले बढ़े हैं, लेकिन कैंसर के कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए उपचार की उपलब्धता, उपचार का कम खर्चीला होना और पहुंच जैसी चुनौती अब भी है।

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस
7 नवंबर को राष्ट्रीय  कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को कैंसर के बारे में जानकारी देकर जागरूक करना है।

तेजी से बढ़ रहे मामले 
नागपुर समेत विदर्भ में ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ओरल कैंसर के 80 फीसदी मामलों में कारण तंबाकू होता है। अपेक्षाकृत युवा वर्ग में तेजी से बढ़ते तंबाकू के उपयोग के कारण इस वर्ग में ओरल कैंसर का प्रमाण भी बढ़ रहा है, जो काफी चिंता का विषय है। सेंटर मोबाइल वैन की मदद से नागपुर समेत विदर्भ के तहसीलों में कैंसर जांच, उपचार और जागरूकता को बढ़ावा दे रहा है। 
-डॉ. बीके शर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी रीजनल कैंसर सेंटर 

एक साल में 300% बढ़े कैंसर के केस
 देश भर में ओरल कैंसर, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले में लगभग 324% की वृद्धि हुई है।  नेशनल हेल्थ प्रोफाइल के आंकड़ों के अनुसार एनसीडी) क्लिनिक्स ने 2017 से लेकर 2018 के बीच कैंसर के मामलों की पहचान की। रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में 6.5 करोड़  में स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे थे, जिनमें 1.6 लाख लोगों में सामान्य कैंसर पाया गया। यानी लोगों में सामान्य कैंसर के अलावा दूसरे प्रकार के कैंसर भी तेजी से फैल रहा है। वहीं, 2017 में कैंसर के 39,635 मामले देखने को मिले थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोगों की बदलती लाइफस्टाइल, खान-पान की आदतें, स्ट्रेस और तंबाकू के सेवन की वजह से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।

तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र
कैंसर के मामले में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गुजरात में देखी गई। यहां 2017 में 3,939 लोगों के कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी, जो 2018 में बढ़कर 72,169 हो गई. इसका मतलब गुजरात में कॉमन कैंसर के 68,230 नए मामले बढ़े हैं। गुजरात के बाद कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में कैंसर के मामलों उछाल देखा गया है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।