दैनिक भास्कर हिंदी: 100 में 35 जबड़े को जकड़ रहा कैंसर , तंबाकू आदतों से हो रही खतरनाक बीमारी

November 7th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। नागपुर शहर में दिनोंदिन ओरल (मुख) कैंसर के ज्यादा मामले सामने आने लगे हैं। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी रिजनल कैंसर सेंटर के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. बीके शर्मा के अनुसार सेंटर में प्रति वर्ष पांच से साढ़े पांच हजार कैंसर के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें हर सौ मरीज में 35 ओरल कैंसर, 29 स्तन कैंसर और 27 मरीज सर्वाइकल कैंसर के होते हैं। पिछले कुछ समय में अपेक्षाकृत युवा वर्ग (आयु वर्ग 30 से 40) के बीच ओरल कैंसर का प्रमाण काफी बढ़ा है। 

गढ़ बनता जा रहा विदर्भ
तंबाकू की आदत के कारण महाराष्ट्र में विदर्भ ओरल कैंसर का गढ़ बनता जा रहा है। महाराष्ट्र में कैंसर और कैंसर के कारण मौत दोनों में ही पिछले तीन वर्षों की तुलना में लगभग आठ फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इनफॉरमेशन एंड रिसर्च और नेशनल कैंसर रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम के आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में इस बीमारी के कारण हुई मौत में से 9 फीसदी महाराष्ट्र में हुई हैं। कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार भले ही राज्य में कैंसर की पहचान के मामले बढ़े हैं, लेकिन कैंसर के कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए उपचार की उपलब्धता, उपचार का कम खर्चीला होना और पहुंच जैसी चुनौती अब भी है।

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस
7 नवंबर को राष्ट्रीय  कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को कैंसर के बारे में जानकारी देकर जागरूक करना है।

तेजी से बढ़ रहे मामले 
नागपुर समेत विदर्भ में ओरल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ओरल कैंसर के 80 फीसदी मामलों में कारण तंबाकू होता है। अपेक्षाकृत युवा वर्ग में तेजी से बढ़ते तंबाकू के उपयोग के कारण इस वर्ग में ओरल कैंसर का प्रमाण भी बढ़ रहा है, जो काफी चिंता का विषय है। सेंटर मोबाइल वैन की मदद से नागपुर समेत विदर्भ के तहसीलों में कैंसर जांच, उपचार और जागरूकता को बढ़ावा दे रहा है। 
-डॉ. बीके शर्मा, ज्वाइंट डायरेक्टर, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी रीजनल कैंसर सेंटर 

एक साल में 300% बढ़े कैंसर के केस
 देश भर में ओरल कैंसर, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले में लगभग 324% की वृद्धि हुई है।  नेशनल हेल्थ प्रोफाइल के आंकड़ों के अनुसार एनसीडी) क्लिनिक्स ने 2017 से लेकर 2018 के बीच कैंसर के मामलों की पहचान की। रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में 6.5 करोड़  में स्क्रीनिंग के लिए पहुंचे थे, जिनमें 1.6 लाख लोगों में सामान्य कैंसर पाया गया। यानी लोगों में सामान्य कैंसर के अलावा दूसरे प्रकार के कैंसर भी तेजी से फैल रहा है। वहीं, 2017 में कैंसर के 39,635 मामले देखने को मिले थे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोगों की बदलती लाइफस्टाइल, खान-पान की आदतें, स्ट्रेस और तंबाकू के सेवन की वजह से कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।

तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र
कैंसर के मामले में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गुजरात में देखी गई। यहां 2017 में 3,939 लोगों के कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी, जो 2018 में बढ़कर 72,169 हो गई. इसका मतलब गुजरात में कॉमन कैंसर के 68,230 नए मामले बढ़े हैं। गुजरात के बाद कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में कैंसर के मामलों उछाल देखा गया है।

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