हाईकोर्ट: मराठी साइन बोर्ड के लिए सितंबर तक बढ़ी समय सीमा, बीएमसी ने दी जानकारी  

July 23rd, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई महानगरपालिका ने बांबे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि दुकानों व प्रतिष्ठानों के नाम देवनगारी भाषा मराठी में लिखने के लिए समय सीमा सितंबर 2022 तक के लिए बढा दिया है। समय सीमा 6 माह तक बढाने की मांग को लेकर इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार को यह याचिका न्यायमूर्ति आरडी धानुका की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आयी। इस दौरान मनपा की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता ध्रृति कपाडिया ने कहा कि दुकानों के साईनबोर्ड मराठी में लिखने की समय सीमा को सिंतबर 2022 तक के लिए बढा दिया है। वहीं एसोसिएशन की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विशाल थडानी ने कहा क उनके मुवक्किल बढाई गई अवधि तक साइन बोर्ड के संबंध में जारी निर्देशों का पालन करेंगे। इसके बाद खंडपीठ ने याचिका को समाप्त कर दिया। 

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मराठी साइन बोर्ड का मामला 

सुप्रीम कोर्ट ने दुकानों एवं प्रतिष्ठानों द्वारा मराठी (देवनागरी लिपि) भाषा में अपना साइनबोर्ड पर लिखने की अनिवार्यता संबंधी बांबे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर महाराष्ट्र एव अन्य से शुक्रवार को जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के लिए मराठी भाषा में अपना नाम प्रदर्शित करने की अनिवार्यता से जुड़े राज्य सरकार के आदेश को खारिज करने के इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट के न्यायाधीश के एम जोसेफ और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार, मुंबई मनपा, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और अन्य को उच्च न्यायालय के 23 फरवरी, 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली ‘फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इसके पहले हाईकोर्ट ने ‘फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ की याचिका खारिज कर दी थी और उस पर 25,000 रुपए जुर्माना भी लगाया था। उसने कहा था कि साइन बोर्ड पर किसी अन्य भाषा का इस्तेमाल करने पर पाबंदी नहीं है और केवल मराठी में नाम लिखने को अनिवार्य बनाया गया है।