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विशेष योजनाओं के आवेदन पर एक माह में लेना होगा फैसला

विशेष योजनाओं के आवेदन पर एक माह में लेना होगा फैसला

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य सरकार के सामाजिक न्याय विभाग व विशेष सहायता विभाग की विशेष सहायता योजनाओं के आवेदन पर संजय गांधी निराधार योजना समिति को एक महीने के भीतर फैसला लेना पड़ेगा। यदि आवेदन में कोई त्रृटियां होंगी तो आवेदनकर्ता को अवगत करना होगा। जिससे वह समिति की अगली बैठक से आठ दिन पहले परिपूर्ण आवेदन जमा करा सके। इसके बाद बैठक में समिति को आवेदन के मंजूर अथवा नामंजूर करने का फैसला लेकर आवेदनकर्ता को अवगत कराना अनिवार्य होगा। सोमवार को सरकार के सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग ने विशेष सहायता योजनाओं के मापदडों के संशोधन के बारे में शासनादेश जारी किया है। इसके अनुसारविशेष सहायता योजना के आवेदन को तहसील, तलाठी और ग्राम पंचायत कार्यालय में ऑफलाइन और ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। किसी को बिना आवेदन स्वीकारे वापस नहीं भेजा जा सकेगा। आवेदन स्वीकार करने की पर्ची देना अनिवार्य होगा। योजना के लाभ के लिए आवेदनकर्ता के आयु के प्रमाण पत्र के लिए स्थानीय स्वराज संस्थाओं के जन्म पंजीयन प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड में से कोई दस्तावेज पेश करना होगा। 

यदि यह सभी सबूत नहीं होंगे तो ग्रामीण और शहरी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी व उससे वरिष्ठ दर्ज के सरकारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा दिए गए आयु का प्रमाण पत्र वैध माना जाएगा। योजना के लाभार्थी कोजीवित होने का प्रमाण पत्र हर साल 1 अप्रैल से 30 जून के बीच देना होगा। इस अवधि में प्रमाण पत्र न देने पर लाभार्थी की आर्थिक सहायता बंद कर दी जाएगी। यदि लाभार्थी ने उसी साल 1 जुलाई से 30 सितंबर के बीच प्रमाण पत्र जमा कराया तो आर्थिक लाभ पूर्ववत कर दिया जाएगा। विधवा महिलाओं के लिए (दूसरे प्रदेशों से व्याह कर आने वाली) राज्य में कम से कम 15 साल रहिवासी होने की शर्त को शिथिल कर दिया गया है। इस शिथिलता का लाभ उसी विधवा महिला को मिलेगा जिसके पति कम से कम 15 साल तक राज्य के निवासी रहे होंगे। 

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