हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब : पीएम केयर फंड चैरिटेबल ट्रस्ट से प्रधानमंत्री का नाम व तस्वीर हटाने की मांग

October 12th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने सार्वजनिक चैरिटेबल पीएम केयर फंड ट्रस्ट से प्रधानमंत्री का नाम व तस्वीर हटाने का निर्देश देने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यचिका में इस ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट से भारत के राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह व राष्ट्रध्वज की तस्वीरों को भी हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति एए सैय्यद व न्यायमूर्ति एसजी दिघे की खंडपीठ ने याचिका पर गौर करने के बाद केंद्र सरकार को जवाब देने का निर्देश दिया। सामाजिक कार्यकर्ता विक्रांत चव्हाण की ओर से दायर याचिका में मांग की गई है कि पीएम सिटीजन अस्सिटेंस एंड रिलिफ इन इमरजेंसी सुचवेशन(पीएम केयर) नामक ट्रस्ट की वेबसाइट से  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम व राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह को हटाने का निर्देश दिया जाए। क्योंकि यह संविधान के प्रावधानों  व दि इम्बेलेम अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है। याचिका के मुताबिक ट्रस्ट की स्थापना 27 मार्च 2020 को आपात व आपदा की परिस्थिति में मदद देने के लिए सार्वजनिक चैरिटेबल पब्लिक ट्रस्ट के रुप में की गई थी। ट्रस्ट स्वेच्छा से लोगों से दान लेता है।

सरकार की ओर से ट्रस्ट को कोई अनुदान व समर्थन नहीं मिलता है। ट्रस्ट को योगदान देने वाले को आयकर अधिनियम की धारा के तहत छूट भी मिलती है। ट्रस्ट कोई सरकारी कामकाज नहीं करता है। ट्रस्ट को मिलनेवाली निधी भारत सरकार की निधी नहीं है। ट्रस्ट की ओर से जमा की जानेवाली निधी केंद्र सरकार के खजाने में जमा नहीं की जाती है। ऐसी स्थिति में ट्रस्ट द्वारा प्रधानमंत्री की तस्वीर का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। इस दौरान खंडपीठ को याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि ट्रस्ट की ओर से जमा की जानेवाली निधि का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाता है। इस दलील व याचिका पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने केंद्र सरकार को इस याचिका पर जवाब देने को कहा और याचिका पर सुनवाई 25 अक्टूबर 2021 तक के लिए स्थगित कर दी। 

    
 

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