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  • Demarcation of the pond should be done without delay, the plan should be canceled and the plan of beautification made

तालाब के संरक्षण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए लोग: अविलंब कराया जाए तालाब का सीमांकन, निरस्त हो बटांक और बने सौदर्यीकरण की योजना

May 10th, 2022


डिजिटल डेस्क जबलपुर। माढ़ोताल तालाब के संरक्षण के मुद््दे ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। इस कड़ी में मंगलवार को बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक तालाब परिसर में एकत्रित हुए और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करते हुए हुंकार भरते हुए कहा कि पूर्वजों द्वारा शहर को सौंपी गई इस जल विरासत को मिटने नहीं देंगे। इसके लिए सड़कों पर उतरकर भी प्रदर्शन किया जाएगा। क्षेत्रीय नागरिकों ने यह भी कहा कि तालाब की जमीन का गैर कानूनी तरीके से किए गए बटांकों को तत्काल निरस्त कर इसका सीमांकन कराया जाए। मास्टर प्लान के अनुरूप ही तालाब को विकसित किया जाना चाहिए। शहर के हित से जुड़े इस मुद््दे पर अब जनप्रतिनिधियों को भी खुलकर मैदान में आना चाहिए।
मंगलवार को शाम 4 बजे से ही लोग तालाब परिसर में एकत्रित होने लगे थे। शाम 6 बजे तक यह तादाद सैकड़ों में पहुँच गई। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं के साथ ही बुजुर्ग, महिलाएँ और बच्चे भी शामिल रहे। जब सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया गया तो पूरा क्षेत्र गूँजने लगा। तालाब के आसपास से गुजर रहे लोग भी हनुमान चालीसा पाठ में शामिल हो गए। इससे तालाब परिसर में उत्साह का माहौल बन गया।
तालाब में कैसे बन गया बारातघर
सामूहिक पाठ के बाद अर्चना सिंह सिसोदिया, पार्वती सिंह, शोभा उपाध्याय, अनीता मिश्रा, कर्णिका शर्मा, राजकुमारी पटेल, अनीता कोल, ललिता रैकवार एवं शीला कोल ने कहा कि माढ़ोताल तालाब की जमीन पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। यहाँ तक की तालाब में बारातघर बना दिया गया है। जिस समय तालाब पर बारातघर बन रहा था, उस समय ऐसा लगता है कि तालाब को बचाने वाले जिम्मेदार अधिकारी सो रहे थे। हालात यह है कि नियमों के विपरीत तालाब की जमीन का बटांक भी करा लिया गया है।
तालाब के बीच में बना दी सड़क
योगेन्द्र दुबे, पवन तिवारी, इंद्रेश दुबे, मनीष विश्वकर्मा, राजकुमार गुप्ता, दीपक दुबे, राजेश तिवारी, विवेक साहू, विध्येश भापकर, सौरभ दुबे, अक्षय शुक्ला, राजा पटेल, गौरव श्रीवास्तव, राहुल गुप्ता और छोटे लाल पटेल का कहना है कि जल विरासत को मिटाने वाले इतने बेखौफ हैं कि उन्होंने तालाब के बीचों-बीच में सड़क बना दी। यदि क्षेत्रीय नागरिकों ने इसका विरोध नहीं किया होता तो अब तक यहाँ पर निर्माण कार्य भी शुरू हो गए होते। अब भी समय है कि हम सब मिलकर माढ़ोताल की अनमोल जल विरासत को बचाने के लिए आगे आएँ।
कैचमेंट एरिया से भी हटाए जाएँ अवैध कब्जे
पूर्व पार्षद बेड़ीलाल पटेल, नरेन्द्र सेन, कमलेश व्यास, संदेश महाराज, रामू केशरवानी, प्रभात रैकवार, मनीष सोनी, आलोक अग्निहोत्री और देवेन्द्र नेमा ने कहा कि तालाब को पुनर्जीवित करने के लिए सबसे पहले कैचमेंट एरिया में हुए अवैध कब्जों को हटाना होगा। कैचमेंट एरिया खुलते ही तालाब में बारिश का पानी आना शुरू हो जाएगा। इससे एक बार फिर से तालाब को नया जीवन मिल सकेगा। इसके साथ ही मनमोहन, साईं कॉलोनी, संचार नगर की ओर से आने वाले बारिश के पानी को सीवर लाइन से हटाकर तालाब में मिलाना चाहिए।
आज बनाई जाएगी मानव शृंखला
माढ़ोताल तालाब को बचाने के लिए चल रहे जन आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार 11 मई को शाम 6 बजे से मानव
शृंखला बनाई जाएगी। क्षेत्रीय नागरिक मानव शृंखला बनाकर यह संदेश देंगे कि तालाब को बचाने के लिए सभी नागरिक एकजुट हैं।