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एनआरसी के लिए महाराष्ट्र में नहीं बन रहे डिटेंशन सेंटर 

एनआरसी के लिए महाराष्ट्र में नहीं बन रहे डिटेंशन सेंटर 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीयन (एनआरसी) को लागू करने के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं है। फिलहाल राज्य में डिटेंशन सेंटर कार्यान्वित नहीं है। विधान परिषद में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी। देशमुख ने कहा कि अपराध में लिप्त विदेशी नागरिक जो अपनी नागरिकता सिद्ध नहीं कर पाए हैं और इस वजह से उन्हें उनके मूल देश में नहीं भेजा जा सकता है, ऐसे लोगों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 10 सितंबर 2014 ने आदेश जारी किया था। इसके अनुसार नई मुंबई के नेरूल में पुलिस विभाग की जमीन पर अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए सहमति देने और नई मुंबई में स्थायी डिटेंशन सेंटर बनाने के लिए सिडको महामंडल से आग्रह किया गया है। 

आप के पालकमंत्री रहते शुरु थे अवैध धंधेः देशमुख

भंडारा तहसील क्षेत्र में शुरू अवैध धंधे को लेकर प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भंडारा के पूर्व पालक मंत्री परिणय फुके पर कटाक्ष किया। प्रश्नकाल में सदन में भाजपा के सदस्य फुके ने इस संबंध में सवाल पूछा था। इसके जवाब में देशमुख ने कहा कि फुके ने गंभीर मामला उठाया है लेकिन मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि जब अवैध धंधा शुरू था तो आप ही भंडारा के पालक मंत्री थे। अगर आपके समय नियंत्रण हो गया होता तो मेरे लिए सदन में जवाब देने की नौबत नहीं आती। देशमुख के इस बयान पर भाजपा के सदस्य भाई गिरकर ने कहा कि सदन में जब भी गंभीर मामला आता है तो देशमुख पूर्व की सरकार की ओर इशारा करते हैं। राज्य में महिला अत्याचार के मामले को लेकर हम आप पर दोषारोपण करेंगे तो चलेगा क्या। इस पर उपसभापति नीलम गोर्हे ने कहा कि गृहमंत्री को शायद पुराने पालक मंत्री की याद आ रही है। इसके बाद देशमुख ने कहा मैंने पिछले भाजपा सरकार के बारे में नहीं कहा है। फुके मेरे मित्र के बेटे हैं। वह मेरे बेटे की तरह हैं। मैं केवल उन्हें याद दिलाना चाह रहा था। सरकार भंडारा के अवैध धंधे को लेकर गंभीर है। इस दौरान भाजपा के सदस्य प्रवीण पोटे-पाटील ने अमरावती में हुक्का पार्लर और मटका शुरू होने को लेकर सवाल पूछा था। इस पर देशमुख ने कहा कि 15 दिनों में हुक्का पार्लर बंद हो जाएगा। मटका पर भी कार्रवाई की जाएगी। 

आईजी स्तर का अधिकारी करेगा 50 लाख के ड्रग्स मामले की जांच  

रत्नागिरी के मिलजोले एमआईडी में पुलिस द्वारा छापा मारकर पकड़े गए 50 लाख रुपए के ड्रग्स के मामले की जांच पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। विधान परिषद में राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह घोषणा की। देशमुख ने कहा कि पुलिस ने 50 लाख रुपए के 936 ग्राम कोकिन ड्रग्स पकड़ा था। पुलिस ने इसे कोकिन ड्रग्स बताया था। लेकिन फॉरेंसिक लैब में इसको यूरिया बताया गया। इसकी जांच जरूरी है। देशमुख ने कहा कि इस मामले में तटरक्षक दल के दो कर्मचारी लिफ्त हैं। कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। देशमुख ने कहा कि राज्य में कुरियर सेवा और वाट्सएप के माध्यम से होने वाली ड्रग्स तस्करी को रोकने के लिए सरकार उपाय करेगी। सोने की बिस्किट और चुडियों के जरिए ड्रग्स तस्करी की जाती है। प्रश्नकाल में कांग्रेस के सदस्य अनंत गाडगील ने इस संबंध में सवाल पूछा था। 

पुलिस स्टेशन इमारतों की होगी मरम्मत

प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने पुलिस स्टेशन के नई इमारतें और पुराने पुलिस स्टेशन के मरम्मत के लिए प्रारूप तैयार किया है। इसके लिए वित्त विभाग की ओर से गृह विभाग को इस साल के लिए 650 करोड़ रुपए मिले हैं। विधान परिषद में प्रदेश के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह जानकारी दी। देशमुख ने कहा कि गृह विभाग को पुलिस स्टेशन और पुलिस कर्मियों के घरों के लिए केवल 350 करोड़ रुपए मिलते थे। लेकिन इस बार विभाग को ज्यादा निधि मिली है। इससे राज्य में अधिक से अधिक पुलिस स्टेशन बनाए जा सकेंगे। प्रश्नकाल में राकांपा के सदस्य विक्रम काले ने इस संबंध में सवाल पूछा था। एक सवाल के जवाब में देशमुख ने कहा कि पुलिस स्टेशन के निर्माण कार्य पीपीपी मॉडल पर नहीं कराया जाएगा। क्योंकि इस पद्धति से काम कराने का अनुभव बहुत खराब रहा है। इसलिए गृह विभाग के माध्यम से ही सभी काम कराए जाएंगे। 

भंडारा के वैनगंगा नदीं पर प्रदूषण रोकने एसटीपी 

भंडारा की वैनगंगा नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए जल्द ही एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाया जाएगा। इसके साथ ही पवनी नगर परिषद में भी एसटीपी लगाया जाएगा। गुरुवार को विधान परिषद में प्रदेश के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने यह जानकारी दी। आदित्य ने कहा कि भंडारा में एसटीपी लगाए जाने से 10 एमएलडी गंदे पानी पर प्रक्रिया हो सकेगी। भंडारा में वैनगांगा नदी किनारे के 37 गांवों में जल शुद्धिकरण मशीन लगाई गई है। जबकि 13 गांवों में जल शुद्धिकरण मशीन लगाने के लिए मान्यता मिली है। भाजपा सदस्य गिरीश व्यास ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए भंडारा के वैनगंगा नदी के प्रदूषण का मुद्दा उठाया था। इस दौरान भाजपा सदस्य परिणय फुके ने कहा कि नागपुर मनपा क्षेत्र का 157 एमएलडी गंदा पानी नाग नदी में जाता है। यह गंदा पानी वैनगंगा नदी के गोसीखुर्द बांध में आता है। इस पर आदित्य ने कहा कि नागपुर में 157 एमएलडी गंदे पानी पर प्रक्रिया की सुविधा साल 2022 तक उपलब्ध हो सकेगी। इसके बाद नाग नदी में शुद्ध पानी छोड़ा जा सकेगा। नागपुर के दक्षिण क्षेत्र में एसटीपी बनाने का प्रस्ताव नगर विकास विभाग के पास आया है। इसको जल्द ही मंजूरी दी जाएगी। आदित्य ने कहा कि मैं वैनगंगा नदी के प्रदूषण के संबंध में भंडारा का दौरा भी करूंगा। इससे पहले फुके ने कहा कि मैं राज्य मंत्री था तब नागपुर शहर और ग्रामीण इलाकों के गंदे पानी को वैनगंगा में आने से रोकने के लिए एक प्रारूप तैयार किया था। इसके लिए टेंडर भी जारी किया गया था। लेकिन नागपुर महानगर प्रादेशिक विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए के चेयरमैन ने टेंडर रद्द कर दिया। मैं उनसे दो साल से पूछ रहा हूं कि टेंडर रद्द क्यों किया गया। पर चेयरमैन ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके जवाब में आदित्य ने कहा कि फुके के आरोपों के बारे में जानकारी लेकर कार्यवाही की जाएगी। 

शिक्षक विधायकों पर बरसे शिवसेना के रावते 

विधान परिषद में शिवसेना के सदस्य दिवाकर रावते गुरुवार को सदन में शिक्षक विधायकों पर बरस पड़े। दरअसल सदन में सभी शिक्षक विधायक 4 फरवरी 2013 से 10 मार्च 2013 के बीच 71 दिनों तक हड़ताल करने वाले प्रोफेसरों के वेतन देने की मांग पर अड़े हुए थे। प्रदेश के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने आश्वासन दिया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार सरकार वेतन देने के लिए सकारात्मक है। वेतन देने का प्रस्ताव वित्त विभाग के पास भेजा गया है। सदन में सभी शिक्षक विधायक वेतन निश्चित समय में देने की मांग कर रहे थे। इस पर रावते शिक्षक विधायकों पर भड़क गए। रावते ने कहा कि हड़ताल करने वालों को उसके परिणाम सहने की भी हिम्मत होनी चाहिए। त्याग की भावना होनी चाहिए। मंत्री ने वेतन के लिए आश्वासन दिया है। अगर सरकार वेतन नहीं देगी तो अदालत की अवमानना होगी। यह बात जानते हुए भी शिक्षक विधायक यह जताने की कोशिश कर रहे हैं कि वेतन हमारे कारण मिलने वाला है। रावते ने कहा कि प्रोफेसरों के हड़ताल के कारण परीक्षा और रिजल्ट समय पर नहीं आ सका था। मैं शिक्षक विधायकों से पूछना चाहता हूं कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। रावते ने कहा कि हड़ताल कर विद्यार्थियों को मानसिक यातना देने वाले प्रोफसरों का सरकार एक साल की वेतन वृद्दि रोकेगी क्या। इस पर मंत्री सामंत ने कहा कि इस बारे में पता लगाया जाएगा वेतन वृद्धि रोकी जा सकती है क्या। 
 

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