फोन टैपिंग मामला: नाना पटोले ने कहा - देवेंद्र फडणवीस की भूमिका की जांच हो

February 27th, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अवैध फोन टैपिंग मामले में आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने राज्य सरकार से अब तत्कालीन गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। पूर्व की भाजपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री फडणवीस के पास ही गृह विभाग की जिम्मेदारी थी। रविवार को पटोले ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरा फोन टैपिंग कराने के लिए तत्कालीन गृहमंत्री फडणवीस का हाथ था। इसलिए तत्कालीन गृहमंत्री के रूप में फडणवीस की भूमिकी की जांच होनी चाहिए। पटोले ने कहा कि फोन टैपिंग मामले में जांच के लिए गठित पांडे समिति की रिपोर्ट के बाद तत्कालीन राज्य खुफिया विभाग प्रमुख शुक्ला के खिलाफ पुणे में मामला दर्ज किया गया है। लेकिन शुक्ला को फोन टैपिंग का आदेश किसने दिया था? उन्होंने फोन टैपिंग का रिकार्ड किसको दिया था? फोन टैपिंग का मूल उद्देश्य क्या था? ऐसे कई सवालों के जवाब सामने आना चाहिए। इसलिए सरकार फोन टैपिंग मामले में जांच का दायरा बढ़ाकर गहराई से जांच करें। सरकार फोन टैपिंग मामले के मास्टर माइंड को खोजकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। पटोले ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार फोन टैपिंग के लिए राज्य के गृह सचिव की अनुमति अनिवार्य है। ऐसी स्थिति में सरकार में वरिष्ठ लोगों के आशीर्वाद के बिना फोन टैपिंग संभव नहीं है।   

मेरा नाम अमजद खान रखा गया था- पटोले

पटोले ने कहा कि पूर्व की फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में साल 2017-18 के दौरान मुझे ड्रग्स का कारोबारी बताकर मेरा फोन टैप किया गया था। फोन टैपिंग के लिए मेरा नाम अमजद खान रखा गया था। जबकि तत्कालीन निर्दलीय विधायक व वर्तमान में प्रदेश के स्कूली शिक्षा राज्य मंत्री बच्चू कडू का नाम निजामुद्दीन बाबू शेख रखा गया था। पटोले ने कहा कि मेरे अलावा भाजपा के तत्कालीन कई मंत्रियों, शिवसेना व राकांपा के नेताओं, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की भी अवैध रूप से फोन टैपिंग की गई थी। 

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