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जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल यूनिट अचानक बंद, स्वास्थ्य जांच अटकी

जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल यूनिट अचानक बंद, स्वास्थ्य जांच अटकी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर से सटे घनी जनसंख्यावाली बस्तियों में स्वास्थ्य जांच का जिम्मा संभाल रहा जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग का मोबाइल यूनिट अचानक बंद कर दिया गया। इस यूनिट में सेवा दे रहे डॉक्टर्स को किसी भी प्रकार का अधिकृत-पत्र दिना बिना कार्यमुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस यूनिट के बंद होने से गर्भवती माता, बालक और महिलाओं के सामने नियमित स्वास्थ्य जांच की समस्या खड़ी हो गई है।

ऐसी है व्यवस्था  
एकात्मिक जिला आरोग्य सोसाइटी की ओर से वर्ष 2012 में मोबाइल यूनिट शुरू किया गया था। मिहान सेज, वाड़ी, नरसाला आदि औद्योगिक क्षेत्र में स्थलांतरित मजदूरों व उनके परिजनों को आरसीएच सेवा व टीकाकरण इस यूनिट के माध्यम से किया जा रहा था। एक महिला चिकित्सक व एक स्वास्थ्य सेविका का यूनिट गठित किया गया था। जिप के स्वास्थ्य विभाग से वाहन, औषधि तथा अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। गांव-गांव का दौरा कर मोबाइल यूनिट स्वास्थ्य सेवा देता है। जिला परिषद की ओर से आयोजन किए जाने वाले विविध उपक्रमों में स्वास्थ्य सेवा देने के लिए भेजा जाता है। अचानक यूनिट बंद कर गर्भवती माता, बालक तथा महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, नियमित टीकाकरण भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।

रिपोर्ट नहीं मिलने से अतिरिक्त संचालक खफा
मोबाइल यूनिट की भौतिक और आर्थिक रिपोर्ट हर महीने नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त संचालक डॉ. अर्चना पाटील खफा हैं। उन्होंने जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर अकार्यक्षमता की मुहर लगाते हुए मोबाइल यूनिट बंद करने के निर्देश दिए हैं। मोबाइल यूनिट द्वारा हर महीने संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिप स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट दी जाती है। जिला स्तर से रिपोर्ट स्वास्थ्य सेवा संचालक कार्यालय को नहीं भेजे जाने की जानकारी मिली है। वरिष्ठों की गलती का यूनिट के डॉक्टर्स तथा कर्मचारियों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

कृति प्रारूप में योजना प्रस्तावित नहीं
इस यूनिट में कार्यरत डॉक्टर्स को मानधन पर नियुक्त किया गया था। उनके साथ 11 महीने का अनुबंध किया गया। वर्ष 2019-2020 के कृति प्रारूप में यह योजना प्रस्तावित नहीं करते हुए, इसे बंद करने का सरकार ने जिला परिषद स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है। सरकार द्वारा जारी किया गया पत्र वाट्सएप पर संबंधित डॉक्टर्स तथा कर्मचारियों को भेजा गया। स्थानीय प्रशासन की ओर से अधिकृत पत्र जारी किए बिना यूनिट बंद कर दिया गया है। 

समायोजन का प्रस्ताव भेजा है
सरकारी स्तर से मोबाइल यूनिट बंद किया गया है। इस यूनिट में कार्यरत डॉक्टर्स और कर्मचारी के समायोजन का स्वास्थ्य सेवा संचालक को प्रस्ताव भेजा गया है। सप्ताह भर में समायोजन किया जा सकता है। -डॉ. दीपक सेलोकर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी

वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी
मोबाइल यूनिट के माध्यम से नागरिकों की असुविधा होना स्वाभाविक है। इस कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। नागरिकों की स्वास्थ्य सेवा प्रभावित नहीं होने देंगे। -शरद डोनेकर, उपाध्यक्ष तथा सभापति, जिप स्वास्थ्य समिति
 

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