comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

प्रशासकीय कामकाज में मामला खींचे नहीं, तुरंत निर्णय लें : गडकरी

प्रशासकीय कामकाज में मामला खींचे नहीं, तुरंत निर्णय लें : गडकरी

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  प्रशासकीय व्यवस्था में निर्णय तुरंत लेना चाहिए, लेकिन ऐसा होता नहीं है। कभी न्यायालय में मामला होने के नाम पर, तो कभी किसी कारण मामले को खींचते रहते हैं। हमें ध्यान देना चाहिए कि, किसी एक प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए लगा हुआ होता है और वर्तमान में आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। हमें इस बात को ऐसे समझना चाहिए कि, कर्मचारी को 1 तारीख का वेतन कुछ दिन बाद मिलता है, तो कैसे अनुभव होता है। यदि, वही तीन महीने बाद मिले तो कैसा लगेगा, ऐसे में उद्यमी की स्थिति समझना जरूरी है। 

यह बात केन्द्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने कही।  ‘लोक सेवा प्रदान करने में सुधार-सरकारों की भूमिका’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन पर होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित कार्यक्रम में गडकरी बोल रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, महाराष्ट्र सरकार में सचिव अंशु सिन्हा, सेवाओं के अधिकारी, महाराष्ट्र के मुख्य आयुक्त एस.एस. क्षत्रिय, कोंकण की आरटीएस आयुक्‍त मेधा गाडगिल, उप-सचिव, डीएआरपीजी रेणु अरोड़ा उपस्थित थे। 

केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि, प्रशासकीय व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को न्याय देने के िलए अधिकारियों का सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक दायित्व और वचनबद्ध होना चाहिए। यंत्रणा को भी पारदर्शक, भ्रष्टाचारमुक्त और समयबद्ध होना चाहिए। भविष्य के बारे में सोचकर करने वाले ही कुछ अच्छा करके दिखाते हैं। प्रशासकीय अधिकारियों की भूमिका इंजन जैसी है, जो अपनी क्षमता के हिसाब से खींचने अर्थात कार्य करता है। ई-गवर्नेंस से तस्वीर बदल रही है फास्टैग 51 फीसदी होने पर ही एक दिन की आय 68 से 81 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इससे प्रतिदिन 13 करोड़ रुपए की आय बढ़ गई है। इतना ही नहीं साल में 10 से 11 हजार करोड़ रुपए बढ़ जाएगा। वही, इससे समय और पॉल्यूशन कितना बच रहा है इस पर भी स्टडी की जा रही है।

गडकरी ने कहा राज्यों की लड़ाई में हमारे हिस्से का पानी पाकिस्तान जा रहा था, जिसे हमने रोकने का निर्णय िलया। हमारे यहां कहावत है कि, मुझे ना तुझे, कुत्ते को डाल दो। इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि, मैं पाकिस्तान को कुत्ता नहीं बोल रहा हूं, गलत मत समझना। केन्द्रीय मंत्री जीतेन्द्र िसंह ने कहा कि, हमने छोटे पदों पर साक्षात्कार खत्म करने का काम किया। महाराष्ट्र ने इसमें सबसे पहले काम किया। पारदर्शिता और ई-गवर्नेंस से जो शिकायतें पहले 1.5 लाख थी वह अब 15 से 16 लाख पर पहुंच गई हैं, क्योंकि हम उनका निराकरण कर रहे हैं।
 

कमेंट करें
LDcEg
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।