दैनिक भास्कर हिंदी: धन के दान से बढ़ता है पुण्य, धार्मिक क्रिया खाली हाथ न करें - सुवीरसागर

November 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शादी से बर्बादी व्रती से आबादी मिलती है। यह उद्गार तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मतिसागर के शिष्य आचार्य सुवीरसागर ने श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर महावीरनगर में व्यक्त किए।  आचार्यश्री ने कहा कि धन मिलना, कमाना यह पुण्य की बात है, पर धन से दान देना, अच्छा काम करना यह पुण्य बढ़ाने की बात है। धार्मिक क्रिया खाली हाथ करोगे तो खाली ही रहोगे, कुछ नहीं मिलने वाला। जो अपने और दूसरे के कल्याण के लिए कार्य करता है वह लाभकारी होता है।   मिथ्यात्व जीव का सबसे बड़ा शत्रु और सम्यक्त्व सबसे बड़ा मित्र है। भगवान की आराधना भक्ति, स्मरण करने से सम्यक्त्व की प्राप्ति होती है।

बता दें कि विधानाचार्य संजय सरस द्व्रारा आचार्य सुविरसागर के ससंघ सान्निध्य में विधि विधान पूर्वक इंंद्रध्वज विधान चल रहा है। उन्हें सहायक विजय सोईतकर, प्रदीप काटोलकर, गिरीश हनुमंते, दिनेश जैन, राजेंद्र बंड आदि भक्तों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। संगीतकार कुलदीप जैन (भोपाल) ने विधान को संगीत द्व्रारा सजाया है।चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन सौधर्म इंंद्र भुपाल सावलकर, लक्ष्मीदेवी जैन कोयलावाले, प्रभाकरराव सावलकर, नरेंद्र तुपकर ने किया।  चरण प्रक्षालन संजीवनी शशि तुपकर परिवार ने किया। रत्नवृष्टि दिनकर भुसारी और संजय भुसारी ने की। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष पवन जैन कान्हीवाडा, कार्याध्यक्ष सतीश जैन पेंढारी, महामंत्री पंकज बोहरा, मंत्री जय मामू, कोषाध्यक्ष चंद्रकुमार चौधरी,  प्रचार-प्रसार मंत्री हीराचंद मिश्रीकोटकर, धनराज दोशी, कस्तूरचंद भायजी जैन, अरुण श्रावणे, सरोज मिश्रीकोटकर, प्रतिभा जैन, सुधा चौधरी, शिल्पा श्रावणे उपस्थित थे।   

कोराडी मंदिर में छप्पन भोग अन्नकूट 10 नवंबर को
कोराडी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर संस्थान की ओर से 10 नवंबर को छप्पनभोग अन्नकूट का आयोजन 10 नंवबर को किया गया है। दोपहर को मां महालक्ष्मी जगदंबा को छप्पन भोग लगाया जाएगा। 12.30 से 3 बजे तक श्रद्धालुओं को महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। अन्नकूट प्रसाद का लाभ लेने का निवेदन श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर संस्थान ने किया है।