दैनिक भास्कर हिंदी: गटर के पानी का कुओं में रिसाव, कहीं बूंद-बूंद के लिए तरस रहे लोग, कहीं बर्बाद रहा पानी 

May 12th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। वर्धा रोड पर मेट्रो के काम के चलते कई जगह गटर लाइनें फूट गई हैं। गटर लाइन फूटने से सीवर के दूषित पानी का रिसाव कुओं में हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर मनपा के सत्तापक्ष नेता संदीप जोशी ने कर्वे नगर का दौरा किया और मेट्रो अधिकारियों से चर्चा की। इस मौके पर स्थानीय नगरसेवक व नागरिक भी उपस्थित थे। बता दें कि, लोगों ने शिकायत पर सत्तापक्ष नेता जोशी ने लोगों के घर-घर गए और कुए के दूषित पानी के नमूने बोतल लेकर मेट्रो के अधिकारियों को दिखाए। इस दौरान अंडरब्रिज के कार्य की समीक्षा भी की गई। इसी प्रकार 31 मई तक सभी काम पूरे करने के बारे में भी चर्चा हुई। इस दौरान मेट्रो के अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों की समस्या को ध्यान में रखकर तत्काल काम पूरा करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर नगरसेविका वनिता दांडेकर, प्रशांत दाणी, आशीष बोधनकर, सुनील दांडेकर उपस्थित थे।

नई गटर लाइन बिछाने हो रही खुदाई, मलबा सड़क पर

उधर लालगंज-गुजरी मार्ग पर मनपा प्रशासन द्वारा नई गटर लाइन बिछाई जा रही है। इसके लिए मार्ग की खुदाई की गई है। जहां-जहां पाइप लाइन बिछाई गई है, वहां भी गड्ढे भरे नहीं गए हैं। इससे मार्ग उबड़-खाबड़ हो गया है। जिससे आवागमन करने में नागरिकों को दिक्कतें हो रही हैं। कुछ लोगों ने बताया कि लालगंज-गुजरी मार्ग पर नई गटर लाइन बिछाकर 8-10 दिन हो गए हैं। अब तक खोदे गए गड्ढों को भरा नहीं गया है। जहां-तहां मिट्टी बिखरी हुई है। सड़क किनारे भी मलबा पड़ा होने से वाहन हादसे हो रहे हैं। अब तक अनेक वाहन चालक गिरने से घायल हो चुके हैं। विशेष बात यह है कि गटर का एक हिस्सा अभी भी खुला हुआ है। रात को अंधेरा होने से हादसे की आशंका बढ़ रही है। गड्ढे भरने की मांग प्रशांत सोनारघरे, मिलिंद देवगड़े, रूपेश मेहर, रमेश बोकड़े समेत अन्य नागरिकों ने संबंधित विभाग से की है। 

कहीं पानी के लिए तरस रहे लोग, यहां व्यर्थ बह रहा

पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। लगभग सभी प्रभागों में कहीं न कहीं पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या से प्रभाग 1 भी नहीं बच सका है। यहां भी पानी की समस्या देखी जा रही है। एक ओर जहां कुछ क्षेत्रों में लोग पानी के लिए भटक रहे हैं, वहीं यहां पानी की बर्बादी भी हो रही है। लोगों ने बताया कि खोब्रागड़े चौक में बिछाई गई जलापूर्ति की पाइप लाइन गत 6-7 माह से फूटी हुई है। यहां प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बह रहा है। वहीं कुछ इलाकों में पानी के लिए लोग तरस रहे हैं। फूटी पाइप लाइन के संदर्भ में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से भी शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं करवाई गई है। इस संबंध में ओसीडब्ल्यू का कहना है कि पीडब्ल्यूडी से मार्ग खोदने की अनुमति नहीं मिलने की वजह से पाइप लाइन की मरम्मत नहीं हो पा रही है। नागरिकों ने पानी की बर्बादी रोकने की मांग की है।  जरीपटका पुलिस स्टेशन के पास खोब्रागड़े चौक पर गत एक साल से सिग्नल बंद होने के कारण आए दिन हादसे हो रहेे हैं। यह चौराहा काफी व्यस्त है। यहां भारी वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। यहां सिग्नल बंद होने से यातायात व्यवस्था चरमराई रहती है। लोगों ने बताया कि इस चौराहे पर यातायात पुलिस कर्मी भी तैनात रहते हैं। पास ही पुलिस चौकी भी है। बावजूद यहां यातायात नियमों का पालन नहीं होता है। नतीजा, आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। अनेक वाहन चालक व राहगीर घायल भी हो चुके हैं। चौराहे के सिग्नल शुरू करने की मांग जोर पकड़ रही है। खोब्रागड़े चौक और मानकापुर रिंग रोड के पथदीप भी कई महीनों से बंद हैं। यह प्रभाग का मुख्य मार्ग होने से यहां भारी वाहन चौबीस घंटे आते-जाते रहते हैं। रात को वाहन चलाने में लोगों को बड़ी परेशानी होती है। ज्यादातर हादसे उसी वक्त होते हैं। संबंधित विभाग यहां पथदीप लगवाए। 

महीनों से पड़ा है मलबा, लोग परेशान

इसके अलावा नरसाला गांव स्थित काफी पुराना मंदिर मनपा प्रशासन ने कुछ माह पहले गिराया था। आज भी वहां मलबा पड़ा हुआ है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। इस संबंध में दैनिक भास्कर में भी खबर प्रकाशित हुई थी। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने बताया कि नरसाला मुख्य मार्ग के किनारे नरसाला गांव के समीप सैकड़ों वर्ष पुराना शिव-मंदिर था, जिसे प्रशासन ने पुलिस बंदोबस्त के बीच ढहा दिया, लेकिन कर्मचारी इसका मलबा उठाना भूल गए। प्रशासन के सुस्त रवैये पर उनमें भारी रोष व्याप्त है। कर्मचारियों को मलबा हटाने का निवेदन कई बार दिया गया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। मलबा के कारण आवागमन करने में परेशानी हो रही है। नागरिकों ने मलबा हटाने की मांग प्रशासन से की है।

हाईटेंशन केबल के चलते थम गया मुख्य मार्ग का निर्माणकार्य

पिछले कुछ महीने से दहेगांव से खापरखेड़ा मार्ग का सीमेंटीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। दहेगांव से खापरखेड़ा के अन्ना मोड़ तक लगभग 4 किमी का सीमेंटीकरण का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। लेकिन अन्ना मोड़ से रेलवे क्रॉसिंग तक लगभग 1 किमी का निर्माणकार्य महाजेनको के अलावा वितरण विभाग के बड़े पैमाने पर जीवित केबल के जमीन के नीचे होने से निर्माण कार्य में बाधाएं आ रही है। जिसके चलते निर्माण कार्य पिछले 1 महीने से बंद पड़ा है। बंद निर्माणकार्य के चलते आवागमन में खापरखेड़ावासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

केबल हटाने को लेकर हो रही माथापच्ची

खापरखेड़ा के अन्ना मोड़ से रेलवे क्राॅसिंग के बीच 1 किमी के दायरे में मुख्य मार्ग को दो हिस्सों में बांटा गया है। ठेकेदार ने निर्माण कार्य के लिए एक हिस्से से खुदाई का कार्य शुरू भी किया, लेकिन खुदाई के समय जमीन के नीचे बड़ी मात्रा में केबल लाइन बिछाई होने से निर्माण कार्य रोकना पड़ा है। खुदाई के दौरान केबल टूटने से पिछले कई दिनों से मुख्य मार्ग के पथदीप बंद है। इससे दुर्घटना हो रही है। केबल को लेकर ठेकेदार में संबंधित विभाग महाजेनको व वितरण विभाग को जीवित केबल निकालने को लेकर सूचित करने के बावजूद विभाग ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई विभाग के अडियल रवैये के चलते निर्माण कार्य ठप पड़ा है। जबकि निर्माण कार्य में आने वाली बाधाएं दूर करना संबंधित विभागों का काम होता है बावजूद अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से दुकानदारों से लेकर लोगो में दिन-ब दिन आक्रोश पनप रहा है। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। जल्द ही मानसून का आगमन होना है। ऐसे में निर्माण कार्य नहीं हुआ तो परेशानी और बढ़ जाएगी। मुख्य मार्ग का निर्माण कार्य होने से मार्ग को एक ही हिस्से से दोनों ओर का ट्रैफिक जारी है। इसके अलावा मार्ग के दोनों ओर बाजार है। मार्ग और बड़ी मात्रा में वाहनों का आवागमन होने से तकलीफ दिन-ब दिन बढ़ती जा रही है। खापरखेड़ावासियों ने निर्माण कार्य जल्द ही शुरू करने की मांग की है।

खुली नालियों से दुर्घटना का भय

वही कलमेश्वर नगर में मुख्य मार्ग पर बनी पानी निकासी नालियां कई वर्षों से खुली होने से मार्ग से आवागमन करने वाले राहगीर आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार होते रहते है। कलमेश्वर पंचायत समिति से लेकर ब्राह्मणी फाटे तक नाली खुली पड़ी है। इसी मार्ग पर बने अस्पताल, बैंक, ऑफिस, मंगल कार्यालय व कई प्रतिष्ठानों में रोजाना नागरिकों का आना जाना लगा रहता है। नालियां खुली और कचरे से पटी होने से नजर नहीं आती। ऐसे में मंगल कार्यालय व हॉस्पिटल के पास कई लोग दुर्घटना के शिकार होने की जानकारी स्थानीय नागरिकों ने दी। एक ओर जोर-शोर से  स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, इधर नप का स्वास्थ्य विभाग स्वच्छता की ओर से अनदेखी कर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। कलमेश्वर नगर परिषद में ब्राह्मणी का समावेश होकर 2 वर्ष होने के बाद भी नगर प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं होने की चर्चा नगर में उठने लगी है। नप प्रशासन द्वारा मानसून की दस्तक से पहले नालियों की सफाई कर सुरक्षा के लिहाज से स्लैब बिछाकर भूमिगत करने की मांग नागरिकों ने की है।

विकास निधि के अभाव में अधर में लटका पीएचसी मार्ग 

इसके अलावा नागपुर-अमरावती महामार्ग पर बाजारगांव-कोंढाली- कारंजा (घा.)  मार्ग पर सदैव  दुर्घटनाएं  होती रहती  है। अधूरे कार्य से एंबुलेंस व अन्य वाहन चालकों  को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग के साथ ही दोनों ओर भूमिगत नाली व सूरक्षा  दीवार की आवश्यकता होने की जानकारी आकाश गजबे  ने दी। मार्ग का निर्माणकार्य तथा रख-रखाव  जिप लोकनिर्माण विभाग के  अंतर्गत है। करीब तीन माह पहले मार्ग के निर्माण के लिए पूर्व विधायक डा. आशीष देशमुख द्वारा ढाई लाख निधि मंजूर करवाई थी। कुछ निर्माणकार्य हुआ, लेकिन अभी भी यहां  की समस्या  हल नहीं  हुई है। बताया जाता है कि पीएचसी  मार्ग के निर्माण कार्य  को  प्राथमिकता  देना  चाहिए। मार्ग निर्माण के लिए अतिरिक्त  निधि की आवश्यकता होने की जानकारी  सरपंच  केशवराव धुर्वे व उपसरपंच स्वप्निल व्यास  ने  दी है।  मार्ग निर्माणकार्य के लिए  जिला  परिषद  सदस्य रामदास मरकाम  को एक प्रस्ताव के माध्यम  से निधी मंजूर करवाने की मांग  भी की है। इस विषय पर  जिप सदस्य रामदास मरकाम ने बताया कि, कोंढाली पीएचसी तक पहुंचने वाले मार्ग का निर्माण कार्य व यहां  के गट अ के डाक्टरों की नियुक्ति के विषय में जिप के सीईओ अंकुशराव केदार, डीएचओ सेलोकर  से मिलकर समस्या हल करने का प्रयास  करेंगे।