दैनिक भास्कर हिंदी: अनिल देशमुख के मुंबई-नागपुर सहित पांच ठिकानों पर ईडी के छापे

June 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। हर महीने मुंबई को बार, रेस्टारेंट से 100 करोड़ रुपए की वसूली के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को वरिष्ठ राकांपा नेता व पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख और उनके करीबियों के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। देशमुख के नागपुर स्थित घर के साथ मुंबई में स्थित दो आवासों और उनके निजी सचिव रहे संजीव पलांडे व निजी सहायक कुंदन शिंदे के घरों पर भी जांच एजेंसी ने छापे मारे। ईडी सूत्रों के मुताबिक मुंबई के बारों से वसूले गए चार करोड़ रुपए देशमुख तक पहुंचने के खुलासे के बाद और सबूत जुटाने के लिए यह छापेमारी की गई। 

ईडी की टीम पलांडे और शिंदे को पूछताछ के लिए ईडी के दक्षिण मुंबई स्थित ऑफिस भी ले गई है। शाम तक चली छापेमारी के दौरान ईडी ने कुछ दस्तावेज भी बरामद किए हैं। देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज सीबीआई की एफआईआर के आधार पर ईडी ने भी मनी लांडरिंग के आरोप में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है। इससे पहले सीबीआई देशमुख के ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान देशमुख मुंबई के वरली के सुखदा आपार्टमेंट स्थित घर में मौजूद थे। इसके अलावा उनके मलबार हिल इलाके में स्थित सरकारी निवास ज्ञानेश्वरी की भी ईडी ने तलाशी ली। इससे पहले गुरूवार को ईडी ने मुंबई में तैनात डीसीपी राजू भुजबल का भी बयान दर्ज किया था। आरोप है कि देशमुख ने भुजबल को भी बार और रेस्टारेंट से वसूली करने को कहा था।  

चार महीने में 10 बार मालिकों ने दिए 4 करोड़

ईडी के एक अधिकारी ने दावा किया कि छानबीन के दौरान मुंबई के 10 बार मालिकों से वसूले गए 4 करोड़ रुपए देशमुख की कंपनियों तक पहुंचने के मामले की जानकारी मिली है। इसी मामले में और सबूत जुटाने के लिए छापेमारी की गई है। 10 बार मालिकों से बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के जरिए तीन महीनों में चार करोड़ रुपए वसूले गए। यह पैसे अपरोक्ष रूप से देशमुख से जुड़ी कंपनियों तक पहुंचाए गए। मामले में ईडी ने पीएमएल कानून के तहत 10 बार मालिकों के बयान भी दर्ज किए हैं। बयान में देशमुख को चार करोड़ रुपए के नकद भुगतान की बात सामाने आई है। जांच एजेंसी इन बयानों के समर्थन में पुख्ता सबूत हासिल करना चाहती है। बता दें कि मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर दावा किया था कि देशमुख सचिन वाझे और दूसरे पुलिस अधिकारियों से मुंबई के बार, रेस्टारेंट से हर महीने 100 करोड़ रुपए की वसूली करने को कहा था। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की प्राथमिक जांच के निर्देश दिए थे।  

जांच में कर रहा हूं सहयोगः देशमुख 

छापेमारी के बाद मीडिया के बातचीत में अनिल देशमुख ने कहा कि मैंने ईडी अधिकारियों को छापेमारी के दौरान पूरा सहयोग किया है और आगे भी करता रहूंगा। उन्होंने एक बार फिर मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाए जाने के बाद परमबीर सिंह द्वारा आरोप लगाने को लेकर सवाल उठाए। कहा कि इस बात की जानकारी मिली थी कि सचिन वाझे समेत मामले से जुड़े दूसरे आरोपी सिंह को रिपोर्ट कर रहे थे इसलिए उन्हें पद से हटाया गया। एंटीलिया मामले में सिंह की भूमिका संदिग्ध थी। पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने मुझ पर झुठे आरोप लगाए हैं।    
 

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