comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मतदाता सूची में गड़बड़ी का निराकरण करे निर्वाचन आयोग- नगर निगम चुनाव का मामला, हाईकोर्ट से याचिका का पटाक्षेप

मतदाता सूची में गड़बड़ी का निराकरण करे निर्वाचन आयोग- नगर निगम चुनाव का मामला, हाईकोर्ट से याचिका का पटाक्षेप

डिजिटल डेस्क जबलपुर । मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की डिवीजन बैंच ने नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर दायर याचिका का निराकरण कर दिया है। डिवीजन बैंच ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि नगर निगम चुनाव के लिए तैयार की जा रही मतदाता सूची में गड़बड़ी के संबंध में दायर शिकायत का निराकरण किया जाए।  
यह है मामला -  यह जनहित याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के मनीष शर्मा और राकेश चक्रवर्ती की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि दिसंबर 2020 में नगर निगम चुनाव के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों को रिपीट किया गया है। सूची में मृतकों और शहर छोड़ चुके लोगों के नाम भी शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि लोकसभा और विधानसभा की तरह नगर निगम चुनाव में फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार नहीं की जा रही है। इसके साथ ही नए मतदाताओं को नगर निगम चुनाव में वोट डालने का मौका नहीं दिया जा रहा है।  अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए नगर निगम की मतदाता सूची की जाँच कराई जानी चाहिए। 
मतदाता सूची का पुनरीक्षण शुरू -  राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ ने कहा कि नगर निगम चुनाव को तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए   4 जनवरी से नया कार्यक्रम भी जारी किया गया है। पुनरीक्षण के दौरान व्यक्तिगत और संस्थागत तौर पर आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। डिवीजन बैंच ने याचिका का निराकरण करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत का निराकरण करने का निर्देश दिया है।
 

कमेंट करें
O6xqn
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।