दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के इन बांधों में तैरते दिखेंगे सोलर प्लांट, तैयार होगी सस्ती बिजली

November 16th, 2017

विजय सिंह ‘कौशिक

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पश्चिम महाराष्ट्र के बाद अब राज्य का बिजली विभाग विदर्भ के यवतमाल में भी फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट लगाएगा। इसके लिए बेम्बला सिंचाई परियोजना को चुना गया है। इसके अलावा जलगांव के मोर बांध और सांगली के टेंभु में भी पानी पर तैरने वाली सौर ऊर्जा परियोजना शुरु की जाएगी। जबकि सोलापुर के उजनी बांध पर लगाई जाने वाले फ्लोटिंग सौलर परियोजना के लिए जल्द ही वैश्विक टेंडर जारी किया जाएगा। ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उजनी के अलावा ऊर्जा विभाग ने फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट के लिए तीन और स्थानों का चयन किया। जिसमें यवतमाल के बेम्बला डैम प्रोजेक्ट पर लगाई जाने वाली सौर ऊर्जा परियोजना से 24 मेगावाट बिजली मिलेगी। इसके अलावा मोर बांध  और टेंभु सौर ऊर्जा परियोजना से 60-60 मेगावाट बिजली जैयार हो सकेगी। अधिकारी ने बताया कि पारंपरिक बिजली की जगह ऊर्जा वाली बिजली सस्ती होती है। सरकार निजी क्षेत्र की भागीदारी से इन परियोजनाओं को पूरा करेगी। इससे पैदा होने वाली बिजली खरीदेगी। इसके लिए सरकारी बिजली कंपनी महानिर्मिती और जलसंसाधन विभाग से बातचीत हो रही है।

उजनी परियोजना के लिए मिली मंजूरी
पश्चिम महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित उजनी बांध पर लगाई जाने वाली फ्लोटिंग सोलर परियोजना के लिए राज्य के जलसंसाधन विभाग से मंजूरी मिल गई है। यह राज्य की पहली फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना होगी। इसके लिए जल्द ही टेंडर निकाला जाएगा। इससे  करीब 1 हजार मेगावाट बिजली पैदा हो सकती है। एक निजी कंपनी ने 6300 करोड़ के निवेश से इस तरह का प्रोजेक्ट लगाने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास रखा है। लेकिन सरकार उस कंपनी को यह जिम्मेदारी देने की बजाय टेंडर मंगाएगी।

रुकेगा वाष्पीकरण से नुकसान 
वाष्पीकरण जैसी प्राकृतिक क्रिया के चलते इस जलाशय के काफी पानी का नुकसान होता है। फ्लोटिंग सोलर परियोजना से वाष्पीकरण से होने वाले पानी के नुकसान को भी रोका जा सकेगा। जलाशय पर सौरऊर्जा पैनल लगाने से पानी का वाष्पीकरण कम होगा। फिलहाल देश में केरल में इस तरह की परियोजना लगाई गई है।