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कक्षा 12 वीं में 45 प्रतिशत अंक मिलने पर भी इंजीनियरिंग में मिल सकेगा प्रवेश

कक्षा 12 वीं में 45 प्रतिशत अंक मिलने पर भी इंजीनियरिंग में मिल सकेगा प्रवेश

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में इंजीनियरिंग और फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए जरूरी अंकों की शर्त को शिथिल किया गया है। रविवार को प्रदेश के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने यह जानकारी दी। सामंत ने कहा कि प्रवेश पात्रता परीक्षा (सीईटी) कम से कम एक अंक और कक्षा 12 वीं की परीक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक मिलने पर अब इंजीनियरिंग और फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रमों में मिल सकेगा। जबकि आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर दाखिला मिल पाएगा।

सामंत ने कहा कि पहले इंजीनियरिंग और फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं के विज्ञान विषय (भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित अथवा जीवविज्ञान) में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने और प्रवेश पात्रता परीक्षा (सीईटी) देना आवश्यक होता था। लेकिन प्रवेश के लिए कक्षा 12 वीं के अंकों को शिथिल करने के बाद अब सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में 45 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को 40 प्रतिशत अंक मिलने पर भी दाखिला मिल सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों को सीईटी की परीक्षा में कम से कम 1 अंक प्राप्त करना होगा। सामंत ने कहा कि इंजीनियरिंग और फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए कक्षा 12 वीं के 5 प्रतिशत अंक कम करने से काफी विद्यार्थियों को इसका फायदा हो सकेगा। 

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