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ईपीएफओ ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए ईपीएस पेंशनधारकों को विभिन्न विकल्पों की सुविधा प्रदान की

November 17th, 2020 14:38 IST
ईपीएफओ ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए ईपीएस पेंशनधारकों को विभिन्न विकल्पों की सुविधा प्रदान की

डिजिटल नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्रालय ईपीएफओ ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए ईपीएस पेंशनधारकों को विभिन्न विकल्पों की सुविधा प्रदान की। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस 95) के सभी पेंशनधारकों को पेंशन धनराशि प्राप्त करने के लिए प्रत्येक वर्ष जीवन प्रमाण पत्र (जेपीपी)/डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) जमा करने की जरूरत पड़ती है। कोविड-19 महामारी के वर्तमान परिदृश्य में, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ईपीएस पेंशनधारकों को अपने घर से या घर के नज़दीक ही डीएलसी जमा करने के लिए विभिन्न विकल्पों की सुविधा प्रदान की है। इन सभी तरीकों/एजेंसियों के माध्यम से प्रस्तुत जेपीपी भी समान रूप से मान्य होंगे। ईपीएफओ के 135 क्षेत्रीय कार्यालयों और 117 जिला कार्यालयों के अलावा, ईपीएस पेंशनधारक अब उन बैंक शाखाओं और निकटतम डाकघरों में डीएलसी जमा कर सकते हैं, जहां से वे पेंशन प्राप्त करते हैं। सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के 3.65 लाख से अधिक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क पर भी डीएलसी को प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके अलावा, ईपीएस पेंशनधारक ‘उमंग’ ऐप का उपयोग करके भी डीएलसी जमा कर सकते हैं। हाल ही में, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) ने पेंशनधारकों के लिए घर से ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) जमा करने की सुविधा शुरू की है। ईपीएस पेंशनधारक अब मामूली शुल्क के भुगतान पर घर से ही डीएलसी सेवा का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन अनुरोध प्रस्तुत कर सकते हैं। निकटतम डाकघर से एक डाकिया पेंशनधारक के घर जाकर डीएलसी तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करेगा। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, ईपीएस पेंशनधारक अब अपनी सुविधा के अनुसार, साल में किसी भी समय डीएलसी जमा कर सकते हैं। डीएलसी जमा करने की तारीख से एक वर्ष तक जीवन प्रमाणपत्र मान्य रहेगा। जिन पेंशनधारकों को 2020 में पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) जारी किया जा चुका है, उन्हें एक वर्ष पूरा होने तक जेपीपी अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले, सभी ईपीएस पेंशनधारकों को नवंबर महीने में डीएलसी जमा करना आवश्यक होता था। इस कारण डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पेंशनधारकों को लंबी कतारों और भीड़ जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ईपीएस ने पेंशनधारकों के हित में यह कदम उठाया है। कोरोना वायरस से वरिष्ठ नागरिकों को गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक है। कोविड -19 महामारी के इस कठिन समय में, पेंशन धनराशि समय पर जारी करने और उनके घर पर ही सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ईपीएफओ अपने पेंशनधारकों के साथ खड़ा है। इन पहलों से लगभग 67 लाख ईपीएस पेंशनधारक लाभान्वित होंगे, जिनमें से लगभग 21 लाख विधवा/ विधुर, बच्चे और अनाथ पेंशनधारक हैं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।