सफाई : राष्ट्रपति चुनाव में 200 वोट न मिलने पर पाटील बोले - हर बार सही नहीं हो सकता अनुमान

July 23rd, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए को महाराष्ट्र से 200 वोट मिलने का दावा गलत साबित होने पर सफाई दी है। पाटील ने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को 200 वोट दिलाने के लिए कोई मिशन नहीं चलाया था। इसके लिए भाजपा ने कोई संगठित रूप से प्रयास भी नहीं किया था। हमें केवल उम्मीद थी कि मुर्मू को महाराष्ट्र में 200 से अधिक वोट मिलेंगे। लेकिन ऐसा जरूरत नहीं है कि हर बार अनुमान सही साबित हो। पाटील ने कहा कि हमने जितना कहा था उतना वोट नहीं मिला है। इसमें आगामी समय का भी कुछ गणित छिपा हो सकता है। पाटील ने कहा कि भाजपा के पास शिवसेना के शिंदे और ठाकरे गुट मिलाकर 183 वोट थे। जिसमें से तीन विधायक बीमारी और अन्य कारणों से वोट नहीं दे सकते थे। इसलिए हमें 180 वोट मिलने की उम्मीद थी। लेकिन चुनाव परिणाम में मुर्मू को 181 वोट मिले हैं। यानी भाजपा को अनुमान से 1 वोट अधिक मिले हैं। पाटील ने कहा कि विपक्षी दल कांग्रेस के पास 44 और राकांपा के पास 51 वोट थे। विपक्ष के सहयोगी दल व निर्दलीयों को मिलाकर 100 वोट थे। लेकिन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को महाराष्ट्र से 98 वोट मिले हैं। इसके पहले चुनाव मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया था कि मुर्मू को महाराष्ट्र से 200 से अधिक वोट मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति चुनाव में महाराष्ट्र में 283 विधायकों ने मतदान किया था। जिसमें से 4 वोट अवैध पाए गए थे। जबकि 279 विधायकों के वोट वैध थे। जिसमें एनडीए उम्मीदवार को 181 और यूपीए प्रत्याशी ने 98 वोट हासिल किए हैं। 

ईडी सरकार के वोट टूटे हैं- नाना पटोले

दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि भाजपा ने 200 से अधिक वोट मिलने के लिए कांग्रेस और राकांपा के विधायकों के वोटों को तोड़ने का दावा किया था। लेकिन चुनाव में सत्ताधारी देवेंद्र -एकनाथ (ईडी) सरकार के वोट टूटे हैं। क्योंकि भाजपा के पास शिवसेना को मिलाकर कुल 186 वोट थे। चुनाव नतीजे से स्पष्ट है कि कांग्रेस और राकांपा के वोट एकजुट हैं। जबकि प्रदेश राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस और राकांपा के एक भी विधायक ने क्रॉस वोटिंग नहीं की है। तपासे ने कहा कि भाजपा का विपक्ष के दोनों दलों राकांपा और कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने का प्रयास है। लेकिन भाजपा की तोड़फोड़ की राजनीति को सफलता नहीं मिलेगी।