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शहर का कचरा उठाने से कनक ने काटी कन्नी, दिवाली पर भी नहीं घूमी गाड़ियां, जगह-जगह लगे कचरे के ढेर

शहर का कचरा उठाने से कनक ने काटी कन्नी, दिवाली पर भी नहीं घूमी गाड़ियां, जगह-जगह लगे कचरे के ढेर

डिजिटल डेस्क,नागपुर। एक तरफ पूरे देश में जहां स्वच्छता पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, वहीं संतरानगरी कचरे के ढेर से दबी जा रही है। शहर में कचरा संकलन का हाल ही में दिए गए टेंडर प्रक्रिया से कनक रिसोर्सेस मैनेजमेंट बाहर हो गई है। नई दो एजेंसियों को टेंडर दिया गया है। उन्हें काम शुरू करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। तब तक कनक रिसोर्सेस को कचरा संकलन जारी रखने के आदेश दिए गए हैं। नई टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो जाने पर कनक रिसोर्सेस मैनेजमेंट की कचरा संकलन में रुचि नहीं रही। बस्तियों से कचरा संकलन करने वाली गाड़ियां कम कर दी गई हैं। कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर मनपा की ओर से समय-समय पर जुर्माना ठोंका जा रहा है। इसके बावजूद कनक पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। मनपा प्रशासन द्वारा नोटिस थमाकर सख्त कार्रवाई करने की प्रक्रिया चल रही है।

फ्लैग रन बना दिखावा

गांधी जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता के प्रति जनजागरण के लिए फ्लैग रन का अायोजन किया गया। मनपा आयुक्त अभिजीत बांगर के साथ सभी अधिकारियों ने रास्तों पर पड़ा कचरा उठाकर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया।  प्रसार माध्यमों ने मनपा के स्वच्छता अभियान को व्यापक प्रसिद्धि दी। ऐन दिवाली के त्योहार में शहर में कचरे का अंबार बढ़ने पर मनपा उपाययोजन करने में विफल रही। स्वच्छता का संदेश देने आयोजित फ्लैग रन केवल दिखावा बनकर रह गया।

कचरे की समस्या के लिए जिम्मेदार

कनक रिसोर्सेस मैनेजमेंट घरों से कचरा उठाने में जिम्मेदारी से हाथ झटक रही है। कचरा संकलन की गाड़ियां भी कम कर दी है। कुछ गाड़ियां भांडेवाड़ी में फंसी हुई हैं। दिवाली में कर्मचारियों को बाेनस नहीं देने से काम बंद आंदोलन किया है। शहर में कचरे की समस्या के लिए कनक पूरी तरह जिम्मेदार है। उसे कारण बताओ नोटिस थमाया जाएगा।- डॉ. सुनील कांबले, स्वास्थ्य अधिकारी (स्वच्छता) मनपा

खुली जगह पर फेंक रहे कचरा

दीपावली के त्योहार दौरान लगातार 4 दिन की छुट्टी रही। इस कालावधि में शहर का कचरा संकलन ठप रहा। कनक रिसोर्सेस ने कर्मचारियों को दिवाली बोनस नहीं देने के कारण उन्होंने काम बंद कर दिया है। कचरा संकलन नहीं किए जाने से शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर बढ़ गए हैं। बस्तियों में कचरा संकलन गाड़ियां नहीं पहुंचने से नागरिकों को परिसर में खुली जगह कचरा फेंकना पड़ रहा है। कचरा उठाने के लिए गाड़ियां नहीं पहुंचने से बाजार कचरे से पट गए हैं। नागरिकों ने बवाल मचाने पर मनपा में स्वास्थ्य अधिकारी (स्वच्छता) डॉ. सुनील कांबले ने शहर का मुआयना किया। जगह-जगह कचरे जमा देख कनक के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। सूत्रों ने बताया की कनक को नोटिस थमाया जा सकता है। 
 


 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।