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महाराष्ट्र में MSP पर तुअर दाल बेचने को लेकर उत्साहित नहीं हैं किसान, जानिए - क्या है कारण

महाराष्ट्र में MSP पर तुअर दाल बेचने को लेकर उत्साहित नहीं हैं किसान, जानिए - क्या है कारण

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में सरकारी खरीद केंदों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर तुअर (अरहर) बेचने के लिए किसानों में उत्साह नजर नहीं आ रहा है। राज्य में खरीद केंद्रों पर तुअर बेचने के लिए 1 लाख 65 हजार किसानों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है, लेकिन एक महीने में केवल 1202 किसानों ने ही एमएसपी पर तुअर को बेचा है। राज्य सरकार के विपणन विभाग के एक अधिकारी ने ‘दैनिक भास्कर’ से बातचीत में कहा कि इस साल खुले बाजार में तुअर के लिए प्रति क्विंटल 6 हजार रुपए तक का भाव मिल रहा है। जबकि इस खरीफ विपणन सीजन में तुअर की एमएसपी प्रति क्विंटल 6 हजार रुपए ही है। इस वजह से बड़ी संख्या में पंजीयन के बावजूद किसान खरीद केंद्रों पर तुअर बेचने के लिए नहीं आ रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि मार्च महीने के दौरान बाजार में तुअर का भाव गिरने के आसार हैं। इससे किसानों के मार्च में एमएसपी पर तुअर बेचने के लिए खरीद केंद्रों पर आने की संभावना है। विपणन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में नाफेड अलग-अलग चार एजेंसियों के माध्यम से तुअर खरीद केंद्रों को शुरू किया है।      

अभी तक राज्य सहकारी पणन महासंघ ने 770 किसानों से 7 हजार 865 क्विंटल तुअर, विदर्भ सहकारी पणन महासंघ ने 323 किसानों से 3 हजार 973.3 क्विंटल, पुणे के महाएफपीसी ने 90 किसानों से 821 क्विंटल और पृथाशक्ति एफपीसी (किसान उत्पादक कंपनी) ने 19 किसानों से 199 क्विंटल तुअर खरीदा है। अभी तक कुल 12 हजार 849.34 क्विंटल तुअर की खरीदी हुई है। ये आंकड़े 17 फरवरी तक के हैं। जबकि राज्य में 28 लाख क्विंटल तुअर खरीदने का लक्ष्य है। राज्य में पिछले साल 28 दिसंबर से तुअर बेचने के लिए पंजीयन शुरू किया गया था। किसानों से 20 जनवरी से खरीद केंद्रों पर तुअर खरीदने की शुरुआत हुई है। इस साल खरीद केंद्रों पर किसानों से 10 अप्रैल तक तुअर खरीदी शुरु रहेगी। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।