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पति के सामने ही महिला वकील ने तीसरे माले से लगाई छलांग , एक दिन पहले ही नए फ्लैट में आए थे रहने

पति के सामने ही महिला वकील ने तीसरे माले से लगाई छलांग , एक दिन पहले ही नए फ्लैट में आए थे रहने

डिजिटल डेस्क, नागपुर। पति के सामने ही महिला वकील ने तीसरे माले से छलांग लगा दी जिससे उसकी मौत हो गई। घटित प्रकरण से महिला का पति पुलिस के संदेह के घेरे में है। घटित प्रकरण को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इससे कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बना रहा। इस बीच मंगलवार की सुबह हुड़केश्वर थाने में आकस्मिक मृत्यु का प्रकरण दर्ज किया गया है।

जानकारी के अनुसार मृत महिला वकील सोनाली अमरदीप रंगारी (30)  आनंद विहार कालोनी निवासी है। रात लगभग साढ़े दस से ग्यारह बजे के दौरान सोनाली और उसका उसका पति पर बातें कर रहे थे। पति देर से घर पहुंचा था। इस बात पर सोनाली नाराज भी हुई थी। इसके एक दिन पहले ही उसके फ्लैट का वास्तु पूजन हुआ था । समारोह में भी पति-पत्नी के बीच रिश्तेदारों ने आपस में दूरियां देखी। सोनाली का कहना था कि अमरदीप अब उसका पहले जैसे ध्यान नही देता है। इस बात को लेकर हुई कहासुनी से सोनाली ने अमरदीप को धमकी दी थी कि ऐसा ही चलता रहा तो वह अपने भाई के पास चली जाएगी। दरअसल एक वर्ष पूर्व उसके डॉक्टर भाई ने आत्महत्या की है। घटना वाले दिन भी पति-पत्नी के बीच अनबन हुई सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात में सोनाली ने अपार्टमेंट के तीसरे माले से छलांग लगा दी। सिर व शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट आने से उसकी मौत हो गई। मेडिकल अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने  उसे मृत घोषित किया। सोनाली और अमरदीप दोनों ही पेशे से वकील हैं।

लगभग ढाई तीन वर्ष पहले उनकी शादी सामाजिक रीतिवाजों के अनुसार हुई थी। दोनों को डेढ़ वर्षीय जुड़वा बेटा-बेटी हैं।  प्रसूति के बाद से सोनाली ने कोर्ट जाना बंद किया था। वर्तमान में करीब एक महीने पहले ही वह नए फ्लैट आनंद विहार में स्थानांतरित हुए थे और घटना के एक दिन पहले ही उन्होने फ्लैट में वास्तु-पूजा रखी थी। जिसमें सभी रिश्तेदार और मित्र परिवार को आमंत्रित किया गया था। इसके पहले वे  किराए से रहते थे। घटित प्रकरण अमरदीप की मौजूदगी मेंहुआ है। घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला है। उपनिरीक्षक पाटील ने घटित प्रकरण को संदिग्ध बताते हुए जांच के दायरे में पति के होने का संदेह जताया है। जिससे पति के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज होने की संभावना जताई है। फिलहाल मामले को आकस्मिक मृत्यु के तौर पर दर्ज किया गया है। जांच जारी है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।