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अंतिम मतदाता सूची : एक करोड़ हैं युवा वोटर, 34 दिनों में बढ़े 4 लाख 90 हजार मतदाता

अंतिम मतदाता सूची : एक करोड़ हैं युवा वोटर, 34 दिनों में बढ़े 4 लाख 90 हजार मतदाता

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विधानसभा चुनाव में राज्य के कुल 8 करोड़ 99 लाख 36 हजार 261 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके पहले 31 अगस्त को जारी अंतिम मतदाता सूची में 8 करोड़ 94 लाख 46 हजार 211 मतदाता शामिल थे। उसके बाद भी चुनाव आयोग ने नामांकन की अंतिम तिथि तक वोटर बनने के लिए आवेदन मंगाए थे। इसके चलते गत 34 दिनों के भीतर और 4 लाख 90 हजार लोगों ने अपने नाम मतदाता सूची में शामिल कराए हैं। 4 अक्टूबर को जारी फाईनल वोटर लिस्ट के अनुसार राज्य में 4 करोड़ 68 लाख 75 हजार 750 पुरुष, 4 करोड़ 28 लाख 43 हजार 635 महिला मतदाताओं के अलावा 2634 किन्नर मतदाता हैं। 

जिला      मतदान केंद्र      पुरुष    महिला     किन्नर   कुल मतदाता

नागपुर       4412       2134932  2036389  99    4171420 
अकोला      1703        813756   763670    50   1577467
वाशिम       1052       500451   458090   10    958551
अमरावती    2628      1259644  1189373  43  2449060
वर्धा            1316       5885547   561397   14   1149958
गोंदिया        1282      545404     552862   04   1098270
गडचिरोली     932       393186     382181     02   775369
चंद्रपुर         2098       962378     913951     22   1876351
यवतमाल    2499       1125956   1048301    30   2174287
औरंगाबाद   3024       1505291   1348964   25   2154280
नाशिक        4579       2376405   2168209   27   4544641
मुंबईउपनगर 7397       3947385   3315336   528  7263249
मुंबई शहर    2594       1371140    1138181   132   2509453

राज्य में एक करोड़ युवा वोटर 

प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख 76 हजार 13 युवा वोटर हैं। इसमें 60 लाख 93 हजार 518 युवक और 45 लाख 81 हजार 884 युवतियां शामिल हैं। जबकि 611 किन्नर मतदाता हैं। ये युवा वोटर 18 से 25 आयु वर्ग के हैं। बुधवार को चुनाव आयोग की ओर से यह जानकारी दी गई। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।