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कांग्रेस-NCP में श्रेय की लड़ाई : घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत में वित्त विभाग का अड़ंगा

कांग्रेस-NCP में श्रेय की लड़ाई : घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत में वित्त विभाग का अड़ंगा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। लॉकडाउन के दौरान बढ़े हुए बिजली बिल से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने के ऊर्जा विभाग के फैसले पर वित्तविभाग पानी फेरने में जुटा है। इससे सरकारी खजाने पर करीब एक हजार करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। वित्त विभाग यह राशि देने को तैयार नहीं हो रहा है, जिससे ऊर्जा मंत्री नितिन राऊत का आश्वासन पूरा नहीं हो पा रहा है। दरअसल लॉकडाउन के दौरान लोगों को औसत बिजली बिल भेजे गए। इसको लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। इसके खिलाफ राज्य के कई इलाकों में आंदोलन भी हो चुके हैं। इसलिए कांग्रेस कोटे वाले ऊर्जा विभाग के मंत्री डॉ नितीन राऊत ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक योजना तैयार की। इसे मंजूरी के लिए महाराष्ट्र राज्य विद्युत नियामक आयोग (एमईआरसी) को भी भेजा जा चुका है। शुरुआत में वित्त विभाग राहत देने के लिए तैयार था, लेकिन अब राकांपा नेता अजित पवार का वित्त विभाग एक हजार करोड़ खर्च करने को लेकर आनाकानी कर रहा है। बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी कि माने तो हम वित्त विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार संपर्क में है। बातचीत जारी है। उन्हें उम्मीद है कि वे बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने में कामयाब होंगे। 

पूरा नहीं हो पा रहा ऊर्जामंत्री का आश्वासन

दूसरी तरफ उर्जा मंत्री को बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने का आश्वासन दिए काफी समय बीत गया है। पिछले महीने ही यह प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल में पेश किया जाना था। लेकिन फिलहाल मामला ठंढे बस्ते में चला गया है और मंत्री के आश्वासन के बावजूद बिल न भरने पर कई जगहों पर बिजली कनेक्शन काट दिए गए। राहत पैकेज को लेकर उर्जा मंत्री डॉ राउत ने पिछले दिनों वित्त मंत्री अजित पवार के साथ बैठक भी की थी।

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