दैनिक भास्कर हिंदी: कांग्रेस की मांग - पीएमसी बैंक के निदेशकों के खिलाफ दर्ज हो FIR, पूर्व प्रबंध निदेशक ने कहा- कोई घोटाला नहीं हुआ

September 27th, 2019

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने आरबीआई की ओर से पंजाब एंड महाराष्ट्र कॉपरेटिव बैंक (पीएमसी बैंक) पर की गई कार्रवाई को पूर्ण रूप से सिस्टम की विफलता करार दिया है। पार्टी ने कहा है कि सिस्टम की लापरवाही के चलते इस बैंक के ग्राहकों को जबर्दस्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि आरबीआई ने पीएमसी बैंक पर सख्त कार्रवाई करते हुए निर्देश दिया है कि इस बैंक के ग्राहक छह माह में अधिकतम 10 हजार रूपये ही निकाल सकते हैं। कांग्रेस के प्रवक्ता प्रो गौरव वल्लभ ने इस फैसले को कई राज्यों में फैले पीएमसी बैंक के लाखों ग्राहकों के साथ अन्याय बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होने पूछा कि आरबीआई की पूर्व चेतावनी प्रणाली (अर्ली वार्निंग सिस्टम) कैसे काम नहीं किया या फिर चेतावनी दी गई तो इसे नजरअंदाज क्यों किया गया? गौरव वल्लभ ने मांग की है कि पीएमसी बैंक के ग्राहकों पर लगाई गई निकासी की सीमा को हटाया जाए और विशेष व आपातकालीन मामलों में ग्राहकों को अपने सभी पैसे निकालने की छूट दी जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि पीएमसी बैंक के निदेशकों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज हो ताकि वे विदेश न जा सकें और बैंक में हाउसिंग सोसायटियों द्वारा जमा की गई रकम निकालने की छूट मिले। उन्होने कहा है कि आरबीआई इस बात पर गौर करे कि पीएमसी बैंक से संबंधित फैसले का दुष्प्रभाव दूसरे सहकारी व सार्वजनिक बैंकों पर न पड़े। 

 

पीएमसी बैंक में नहीं हुआ है घोटाला, पूर्व प्रबंध निदेशक का दावा 

उधर मुंबई में बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक ने दावा किया कि वहां कोई घोटाला नहीं हुआ है। पंजाब व महाराष्ट्र कोआपरेटिव बैंक (पीएमसी) के पूर्व प्रबंध निदेशक जॉय थॉमस ने सफाई दी है कि उन्होंने कोई घोटाला नहीं किया है। थॉमस ने कहा कि मौजूदा परिस्थिति के लिए वे अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं लेकिन इस मामले से बेहतर तरीके से निपटा जा सकता था। साथ ही उन्होंने कहा कि एचडीआईएल को कर्ज देने का फैसला किसी राजनीतिक दबाव में नहीं किया गया। बैंक में अनियमितता सामने आने के बाद थॉमस को प्रबंध निदेशक के पद से हटाया गया था। पीएमसी पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद शुक्रवार को मुंबई प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में थॉमस ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह घोटाला नहीं है। यह तकनीकी मुद्दा था और इसे जमाकर्ताओं को प्रभावित किए बिना हल किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि एचडीआईएल को 96.5 करोड़ का जो ताजा कर्ज दिया गया था उसका मकसद कंपनी को दीवालिया घोषित होने से बचाना था क्योंकि इससे हमें भी नुकसान होता। थॉमस ने कहा कि हमने आरबीआई को 19 सितंबर को स्थिति से अवगत कराया था। हमें उम्मीद थी कि गलती सुधारने के लिए कुछ वक्त मिलेगा। थॉमस ने कहा कि खाताधारकों द्वारा पैसे निकासी की सीमा जल्द ही एक लाख तक बढ़ाई जा सकती है। बता दें कि आरबीआई ने 23 सितंबर को पीएमसी बैंक पर पाबंदी लगाते हुए खाताधारकों को छह महीने तक सिर्फ 1 हजार रुपए निकालने की छूट दी थी लेकिन शोरशराबे के बाद यह सीमा बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई।  

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