comScore

325 ट्रेनों से भेजे गए पांच लाख प्रवासी मजदूरः देशमुख

325 ट्रेनों से भेजे गए पांच लाख प्रवासी मजदूरः देशमुख

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में फंसे करीब पांच लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृहराज्य भेजा जा चुका है। गृहमंत्री अनिल देशमुख ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार तक महाराष्ट्र से 325 ट्रेनें रवाना हो चुकी थी, जबकि बुधवार को राज्य के विभिन्न स्टेशनों से 60 रेलगाड़ियां प्रवासी मजदूरों को लेकर निकली। खास बात है कि महाराष्ट्र में 20 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों और उनके परिवार वालों ने अपने गृह राज्य वापस लौटने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

देशमुख ने बताया कि सबसे ज्यादा 187 ट्रेनें उत्तर प्रदेश के लिए रवाना की गईं, जबकि बिहार के लिए 44, मध्यप्रदेश के लिए 23 और राजस्थान के लिए 13 विशेष श्रमिक ट्रेनें रवाना हुई हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई पुणे - नाशिक, नागपुर समेत राज्य के जिन इलाकों में भी प्रवासी मजदूर फंसे हैं, वहां नजदीकी रेलवे स्टेशनों से विशेष श्रमिक गाड़ियां चलाई जा रही हैं। इन सभी प्रवासी मजदूरों की यात्रा का खर्च राज्य सरकार ही उठा रही है। उन्होंने कहा कि जवेरी बाजार समेत कई इलाकों में बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के मजदूर फंसे हैं। उन्हें उनके गृह राज्य तक पहुंचाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से बातचीत की जा रही है।

मंगलवार रात 9 बजे तक राज्य से 320 श्रमिक विशेष गाड़ियां 4 लाख 26 हजार 778 प्रवासी मजदूरों को लेकर रवाना हो चुकीं थी। इनमें सबसे ज्यादा 51 गाड़ियां छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से रवाना हुईं। इसके अलावा लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 45, पुणे से 32, बोरीवली से 25, बांद्रा टर्मिनस से 22 और पनवेल से 21 गाड़ियां प्रवासी मजदूरों को लेकर मंगलवार रात तक रवाना हो चुकी थी। 

जारी है सोशल मीडिया से अफवाह फैलाना, बीड में सर्वाधिक

इसके अलावा गृह मंत्री अनिल देशमुख अपने राज्य में साइबर अपराध रोकने के लिए गृह विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक की और ऐसे मामलों  में कड़ाई से निपटने के आदेश दिए। देशमुख ने आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों को चेतावनी दी है कि उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफ आई आर दर्ज की जाएगी साथ ही धारा 149 के तहत नोटिस भेजकर सफाई मांगी जाएगी। लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया के जरिये फैलाई जाने वाली अफवाह और आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में बीड़ लगातार सबसे आगे बना हुआ है। राज्य में दर्ज हुए कुल मामलों के 10 फीसदी इसी जिले में सामने आये है। राज्य में कोरोना से जुड़े साइबर अपराध के 400 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 40 मामले सिर्फ बीड़ जिले में है। इसके अलावा पुणे ग्रामीण में 31 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर जबकि जलगांव 29 मामलों के साथ तीसरे नंबर पर है। मुंबई में साइबर अपराध के 21 मामले दर्ज किए गए हैं। नागपुर शहर में साइबर अपराध के 9 जबकि नागपुर ग्रामीण में ऐसे 4 मामले दर्ज किए गए हैं।  अकोला और यवतमाल जिले इस मामले में बेहतर साबित हुए हैं इन दोनों जिलों में सिर्फ एक-एक मामले दर्ज किए गए हैं वाशिम, नंदुरबार और उस्मानाबाद में 2-2 मामले सामने आए हैं। झूठी खबरें और आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले 213 आरोपियों को अब तक पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है साथ ही 102 आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट कराए जा चुके हैं।  
           

कमेंट करें
upEoH