दैनिक भास्कर हिंदी: सूखा पीड़ितों की मदद के लिए कोर्ट में रचाई शादी और सीएम को सौंपा ढाई लाख का चेक

June 4th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। हर दुल्हे का सपना होता है कि उसकी बारात बड़ी धूमधाम से निकले। लेकिन धुले जिले के कल्पेश और प्रियंका देवने ने कुछ और सोचा और अपनी शादी धूमधाम से करने की बजाय इन पैसों से सूखा पीड़ितों की मदद करने की सोची। इन दोनों ने विवाह समारोह सादगी से कर इससे बची 2 लाख 51 हजार रुपए की रकम सूखा राहत के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए सौप दिया। मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इन्होंने 2.51 लाख का चेक उन्हें सौपा। धुले जिले के बोरीस के रहने वाले किसान परशुराम भाईदास देवरे के पुत्र कल्पेश और इसी जिले की साक्री तहसील के उंभरे के किसान संजय काशिनाथ की बेटी प्रियंका का विवाह निश्चित हुआ था। इलाके में सूखे की गंभीर स्थिति को देखते हुए वर व वधु पक्ष ने सादगी से विवाह संपन्न कर विवाह समारोह पर खर्च होने वाला पैसा सूखा राहत के लिए देने का निर्णय लिया। दोनों ने पैसे बचाने के लिए कोर्ट मैरिज किया। मुख्यमंत्री ने इस नेक कार्य के लिए नवदंपति का अभिनंदन किया है।     

बुवाई के लिए प्रति एकड़ 25 हजार दे सरकार : मुंडे

उधर प्रदेश के सूखा प्रभावित किसानों को बुवाई और खेती के काम के लिए प्रति एकड़ 25 हजार रुपए आर्थिक मदद देने की मांग विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने राज्य सरकार से की है। इस संबंध में मंगलवार को मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के नवनिर्वाचित सांसद सुनील तटकरे भी मौजूद थे। मुंडे ने कहा कि प्रदेश के राजस्व व कृषि मंत्री चंद्रकांत पाटील ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा है कि 28 हजार 524 सूखा प्रभावित गांवों के किसानों को बुवाई के लिए मुफ्त में बीज देने को लेकर सरकार विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नकली बीज सहित सरकारी स्तर पर बीज खरीदकर किसानों तक पहुंचाने में अनियमितता हो सकती है। इसलिए किसानों को मुफ्त में बीज देने की बजाय बुवाई के लिए प्रति एकड़ 25 हजार रुपए 15 जून तक किसानों के बैंक खाते में जमा कराया जाना चाहिए। मुंडे ने कहा कि सरकार को किसान सम्मान कर्जमाफी योजना लागू किए लगभग 2 साल बीत चुके हैं लेकिन अभी भी लाखों किसान कर्जमाफी से वंचित हैं। इसलिए किसानों को संपूर्ण कर्ज माफी दी जानी चाहिए। 

 

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