ईडी की कार्रवाई: पूर्व विधायक आशीष देशमुख की भी बढ़ सकती है मुश्किलें, जब्त की नागपुर स्थित संपत्ति 

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य के नगरविकास एवं ऊर्जा राज्य मंत्री और राकांपा नेता प्राजक्त तनपुरे की 4.6 एकड़ जमीन जब्त किए जाने के मामले में नागपुर के पूर्व विधायक आशीष देशमुख की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार इस मामले में तनपुरे ने देशमुख परिवार के बेनामी के तौर पर काम किया है। नीलामी में कम कीमत पर खरीदी गई जमीन जिस तक्षशिला सिक्योरिटीज कंपनी को बेचे गई, आशीष देशमुख उनके निदेशक हैं। 

महाराष्ट्र राज्य कोआपरेटिव (एमएससी) बैंक घोटाला मामले में ईडी ने सोमवार को कुल 13.41 करोड़ रुपए कीमत की 90 एकड़ जमीन जब्त की थी। इसमें तनपुरे की दो गैरकृषि जमीनें भी शामिल हैं। तनपुरे की जमीन की कीमत 7.6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। बाकी जमीन नागपुर की राम गणेश गडकरी चीनी मिल की है। ये जमीन तक्षशिला सिक्योरिटीज प्रायवेट लिमिडेट के नाम पर थीं। तक्षशिक्षा सिक्योरिटीज के निदेशकों में आशिष रणजीत देशमुख शामिल हैं। ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि महाराष्ट्र राज्य कोआपरेटिव (एमएससी) बैंक ने साल 2007 में राम गणेश गडकरी चीनी मिल नीलाम किया था लेकिन नियमों का उल्लंघन कर इसकी कीमत बेहद कम लगाई थी। 

जमीन खरीदने देशमुख ने दिए पैसे    

ईडी द्वारा मामले की जांच शुरू करने के बाद कई तथ्य सामने आए हैं। जांच में पाया गया कि जमीन खरीदने के लिए प्रजाक्त तनपुरे की कंपनी ‘प्रसाद शुगर एंड एलाईड एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड’ द्वारा इस्तेमाल किया गया पैसा दूसरों से लिया गया था। कुछ पैसे कांग्रेस के पूर्व मंत्री रंजीत देशमुख से भी लिए गए थे। देशमुख राम गणेश गडकरी कारखाने के अध्यक्ष रहे हैं। देशमुख राम गणेश चीनी मिल के 1995 से 2004 तक अध्यक्ष रहे थे। इनके कार्यकाल में अनियमितताएं पाई गई हैं। साल 2011 में ‘प्रसाद शुगर एंड एलाईड एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड’ ने राम गणेश गडकरी चीनी कारखाने की जमीन तक्षशिला सिक्योरिटीज को बेंच दी। 1996 में गठित इस कंपनी के निदेशकों में आशिष रणजीत देशमुख और मधुसुदन उदय प्रकाश मेहादिया शामिल हैं। यह कंपनी नागपुर के पते पर रजिस्टर्ड है।