comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कुठाराघात - सिटी कोषालय होगा बंद , 24 कर्मचारियों का जिला कोषालय व अन्यत्र किया जाएगा स्थानांतरण

कुठाराघात - सिटी कोषालय होगा बंद , 24 कर्मचारियों का जिला कोषालय व अन्यत्र किया जाएगा स्थानांतरण

डिजिटल डेस्क जबलपुर । शहर के साथ एक और कुठाराघात हुआ है। शासन ने सुपर मार्केट स्थित सिटी कोषालय को बंद करने के आदेश दिए हैं। आदेश से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जाता है कि खर्चों में कटौती करने के लिए ये आदेश जारी किए गए हैं। यहाँ पदस्थ कर्मचारियों को जिला कोषालय व अन्य स्थानों पर पदस्थ किया जाएगा। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि यह कार्यालय कब से कार्य करना बंद करेगा। आदेश में कहा गया है कि सिटी कोषालय में पदस्थ 24 से ज्यादा अधिकारियों-कर्मचारियों को जिला कोषालय के साथ ही अन्य जिलों में ट्रांसफर किया जाएगा।
7 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के प्रकरण
सिटी कोषालय में अधिकारियों-कर्मचारियों के बिल भुगतान और पेमेंट से जुड़े 
 हजार से ज्यादा प्रकरण पहुँचते हैं। इनमें रेग्युलर कर्मचारियों के 5969 प्रकरण और नॉन यूनिक कोड वाले 978 कर्मियों के बिल लगते हैं। इसी तरह जिला कोषालय में यूनिक कोड वाले कर्मियों की संख्या 30307 है, वहीं जो कर्मी रेग्युलर नहीं हैं, उनके बिल और पेमेंट से जुड़े 1469 प्रकरण पहुँचते हैं। इनके अलावा छात्रवृत्ति से जुड़े कुछ विभागों के प्रकरण भी पहुँचते हैं। अब सिटी कोषालय का काम भी जिला कोषालय में बढ़ जाएगा।  हालाँकि अधिकारियों का कहना है कि अब काम कम्प्यूटराइज्ड होने लगा है और प्रकरण भी ऑनलाइन आते हैं, इसलिए ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
पहले ही करा लिए आदेश 
 सिटी कोषालय में पदस्थ कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों ने कार्यालय बंद होने का आदेश आने से पहले ही जिला कोषालय में ट्रांसफर आदेश करा लिया है। इन कर्मियों को भनक लग गई थी कि ऑफिस बंद होने के बाद उन्हें अन्य जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ऑफिस बंद होने की खबर के बाद अब महिला कर्मचारी परेशान हैं कि कहीं उनका ट्रांसफर दूसरी जगह न हो जाए। 
नए वित्तीय वर्ष से काम होगा बंद 
वित्त विभाग से नगर कोषालय को बंद करने के आदेश हो गए हैं, वहीं ट्रेजरी ऑफिसर और एटीओ को छोड़कर सिटी कोषालय में पदस्थ 24 कर्मियों को जिला कोषालय में अटैच किया जाएगा। डायरेक्टर को आदेश दिए गए हैं कि वे रिक्त पदों के अनुसार कर्मियों का ट्रांसफर करें, इसके अलावा जो सामग्री है उन्हें कहाँ पहुँचाना है इसका निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नए वित्तीय वर्ष से इस कार्यालय में काम बंद हो जाएगा। 
इनका कहना है
सिटी कोषालय को बंद करने के आदेश हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में अब निर्णय लेंगे कि कर्मचारियों को कहाँ भेजा जाना है। फिलहाल जो भी कर्मचारी हैं वे जिला कोषालय में कार्य करेंगे।    
-पीके अहिवासी, जिला कोषालय अधिकारी
 

कमेंट करें
zR1EO
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।