दैनिक भास्कर हिंदी: सुगंधित सुपारी-तंबाकू, खर्रा पर लगा एक साल के लिए प्रतिबंध, पाबंदी के बावजूद हो रही बिक्री 

July 19th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मिश्रण से तैयार किए जाने वाले स्वादिष्ट व सुगंधित तंबाकू, सुंगधित सुपारी, गुटखा, खर्रा, पानमसाला, मावा जैसे पदार्थों पर 20 जुलाई से अगले एक साल के लिए पूरे राज्य भर में प्रतिबंध रहेगा। इससे इन पदार्थों के उत्पादन, भंडारण, वितरण, परिवहन और बेचने पर रोक रहेगी। राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। प्रदेश केखाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) केखाद्य सुरक्षा आयुक्त परिमल सिंह ने खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनिमय के तहत लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया है। अधिसूचना के अनुसारसरकार ने 20 जुलाई 2020 को एक साल के लिए उक्त पदार्थों पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन पाबंदी के बावजूद स्वादिष्ट और सुगंधित तंबाकू जनता को आसानी से उपलब्ध हो जा रहा है। मिश्रण युक्त तंबाकू का अलग से अथवा सुपारी के साथ सेवन किया जाता है। ऐसे तंबाखू को आकर्षक विज्ञापनों के सहारे बेचा जा रहा है। इसलिए गुटखा, पानमसाला, स्वादिष्ट व सुंगधित तंबाकू, सुंगधित सुपारी जैसे मिश्रण से उत्पादित तंबाकू पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। 

282 करोड़ का गुटखा जब्त 

राज्य में 19 जुलाई 2012 को गुटखा पर पाबंदी के बाद दूसरे राज्यों से वाहनों और अन्य परिवहन साधनों से गुटखा लाकर स्थानीय बाजारों में चोरी बेचने की जानकारी प्राप्त हुई है। साल 2012-13 से लेकर साल 2020-21 तक 282 करोड़ 87 लाख रुपए का प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई में 6496 एफआईआर दर्ज किए गए हैं। जबकि 6882 प्रकरण में अदालत में मामला दाखिल किया गया है। एफडीए प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई में पाया गया है कि साल 2012 से प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ गुटखा का उत्पादन, बिक्री और परिवहन चोरी छिपे हो रहा है। दूसरी ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार महाराष्ट्र, बिहार, असम, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश व उड़िसा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में गुटखा उत्पादन पर पाबंदी के बाद प्री- पैकेज गुटखे का उपयोग बढ़ा है। इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने धुम्रपानमुक्त तंबाकू के अन्य प्रकार के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है।