दैनिक भास्कर हिंदी: ऐसे एप से सावधान! PM के नाम पर लाखों को लगाया चूना, यूपी-राजस्थान में खोला था कॉल सेंटर 

February 22nd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रधानमंत्री के नाम पर ऐप और वेबसाइट बनाकर कर्ज देने के नाम पर देशभर के पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले चार आरोपियों को मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने लोगों को चूना लगाने के लिए उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और राजस्थान के जयपुर में कॉल सेंटर खोल रखा था। प्रधानमंत्री के नाम पर कर्ज देने के लिए आरोपियों ने नौ मोबाइल ऐप और तीन वेबसाइट बना रखी थी। देशभर के लोगों से हो रही ठगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब आरोपियों ने एक ऐप पर मुंबई के कुर्ला में रहने वाले एक व्यक्ति का मोबाइल नंबर डाल दिया। 

दरअसल कुर्ला में रहने वाले सूरज सावले नाम के 24 वर्षीय व्यक्ति को लगातार अनजान लोगों के फोन आ रहे थे। इनमें से कुछ कर्ज लेने की प्रक्रिया पूछ रहे थे जबकि ज्यादातर उन्हें प्रोसेसिंग फीस वापस करने के लिए धमकी दे रहे थे। शुरूआत में सावले को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उनके साथ क्या हो रहा है और लोग उन्हें क्यों धमका रहे हैं। परेशान होकर उन्होंने साइबर सेल में मामले की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की तो उत्तर प्रदेश के अलीगढ और राजस्थान के जयपुर से चलाए जा रहे लोन रैकेट का पता चला।

मामले में संजीव सिंह, प्रांजुल राठौड़, रामनिवास कुमावत और विवेक शर्मा नाम के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अलीगढ़ से पकड़ा गया एक आरोपी राष्ट्रीय लोकदल का पदाधिकारी है। आरोपियों के पास से 18 मोबाइल, 10 हार्डडिस्क, 3 राउटर और 1 पेनड्राइव जब्त किया गया है।

इन ऐप से सावधान

पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पीएमवायएल, पीएम भारत लोन योजना, प्रधानमंत्री लोन योजना, प्रधानमंत्री योजना लोन, सर्वोत्तम फाइनांस, प्रधानमंत्री मुद्रा लोन, भारत योजना लोन, मुद्रा लोन और कृष्णा लोन नाम के ऐप के साथ प्रधानमंत्री लोन योजना, प्रधानमंत्री योजना लोन और सर्वोत्तम फाइनांस नाम से वेबसाइट भी बना रखी थी। ऐप डाउनलोड कर या वेबसाइट पर आकर रजिस्ट्रेशन कराने वालों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। डीसीपी रश्मी करंदीकर ने बताया कि अब तक कि जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों के ऐप केंद्र सरकार का समझकर अब तक 2 लाख 79 हजार 352 लोग इन्हें डाउनलोड कर चुके हैं। अब तक जो खुलासा हुआ है उससे पता चला है कि प्रोसेसिंग फीस के नाम पर आरोपी लोगों से चार करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। आशंका है कि ठगी की रकम और ज्यादा हो सकती है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।