comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मेयो हास्पिटल के ऑपरेशन थियेटर में फंगस , रोज टल रहे 15 ऑपरेशन

मेयो हास्पिटल के ऑपरेशन थियेटर में फंगस , रोज टल रहे 15 ऑपरेशन

डिजिटल डेस्क,नागपुर। इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) के सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में पानी का रिसाव हो रहा है। इसके चलते ऑपरेशन थियेटर (ओटी) में फंगस फैल गई है। हॉस्पिटल इंफेक्शन कंट्रोल कमेटी (एचआईसीसी) ने सर्जिकल कॉम्प्लेक्स के तीन ओटी काॅम्प्लेक्स बंद करवा दिए है। अब सबसे नीचे के तल पर एकमात्र ओपी कॉम्प्लेक्स शुरू है, क्योंकि अब तक वहां तक पानी का रिसाव नहीं पहुंचा है। हैरानी यह है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के इलेक्ट्रिक विभाग के पास इसका अब तक समाधान नहीं है।

डागा में प्रबंध

जानकारी के अनुसार, एयर हैंडलिंग यूनिट (एएचयू) से पानी का रिसाव सभी ओटी में हो रहा है, जिस वजह से वहां फंगस पैदा हो गई है। परेशानी की बात यह है कि ओटी में फंगस होने पर वहां ऑपरेशन करना बहुत ही घातक है। विशेषकर आंख जैसे ऑपरेशन करने पर आंखों की रोशनी जा सकती है। यही वजह है कि मेयो प्रबंधन ने डागा स्मृति शासकीय स्त्री अस्पताल से संपर्क किया। अब मेयो में होने वाले आंखों के ऑपरेशन डागा अस्पताल के  ऑपरेशन थियेटर में किए जा रहे हैं।

2 माह से बंद पड़ी है ओटी

बारिश में  संक्रमण बढ़ जाता है। मेयो में भी वही स्थिति बनी हुई है। एचआईसीसी ने 2 माह पहले ओटी की जांच में वहां फंगस पाया और ओटी को अनफिट करार दे दिया। मामला पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विभाग के पास गया, लेकिन अभी तक फंगस खत्म करने का उपाय विभाग के पास नहीं है।

9 ऑपरेशन थियेटर बंद

मेयो के सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में 4 ओटी कॉम्प्लेक्स हैं। प्रत्येक कॉम्प्लेक्स में 3-3 ऑपरेशन थियेटर हैं। प्रत्येक कॉम्प्लेक्स में एक साथ 3 ऑपरेशन होते हैं। इसमें नाक, कान और गला व हड्डी राेग विभाग और नेत्ररोग विभाग के 9 ऑपरेशन थियेटर को बंद कर िदया गया है, जबकि सर्जरी के 3 आॅपरेशन थियेटर शुरू हैं। मेयो में प्रतिदिन करीब 25 मेजर सर्जरी होती है, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 10 ही हो पा रही है और हर दिन 15 अॉपरेशन टाले जा रहे हैं। वहीं, छोटे-छोटे ऑपरेशन के मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा है।

टीम सौंपेगी रिपोर्ट

मिडी फ्लायर और एसी के ऑटो मोड के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (वीएनआईटी) की टीम को बुलाया गया।  वीएनआईटी की टीम मेयो पहुंची और जानकारी जुटाई। गुरुवार को टीम वहां से सैम्पलिंग करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

वीएनआईटी की टीम को बुलाया

हम वैकल्पिक व्यवस्था से काम चला रहे हैं। पीडब्ल्यूडी का इलेक्ट्रिकल विभाग जब प्राथमिकता के साथ काम नहीं कर पाया, तो हमने वीएनआईटी को बुलाया। -डाॅ.संध्या मांजरेकर, अधीक्षक, मेयो

कमेंट करें
dPLau
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।