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कचरा गेहूँ का ढेर लगाया, सवा करोड़ का फर्जीवाड़ा

कचरा गेहूँ का ढेर लगाया, सवा करोड़ का फर्जीवाड़ा


डिजिटल डेस्क जबलपुर। गेहूँ खरीदी केंद्र बेलखेड़ा, उडऩा मेढ़ी में उपार्जन नीति की धज्जियाँ उड़ाते हुए ई-उपार्जन पोर्टल पर किसानों के नाम से फर्जी प्रविष्टियाँ करने व कचरा रेत, मिट्टी मिला हुआ गेहूँ बाहर से मँगवाकर ढेर लगवा दिया गया। खरीदी में जमकर की गयी धाँधली उजागर होने व  खरीदी केद्रों की जाँच में 5 सौ 86 मीट्रिक टन गेहूँ कम मिलने व करीब सवा करोड़ की धोखाधड़ी उजागर होने पर पाटन थाने में  समिति प्रबंधक, केंद्र प्रभारी व ऑपरेटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी वसुंधरा पेंड्रो ने थाने में एक लिखित शिकायत दी जिसमें बताया गया कि जिला विपणन अधिकारी विवेक तिवारी द्वारा खरीदी केंद्र बेलखेड़ा, उडऩा मेढ़ी क्रमांक 3 व 4 कोड का निरीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर अनियमितताएँ पाई गयी थीं।  जाँच में पता चला कि समिति प्रबंधक, खरीदी प्रभारी एव ऑपरेटर द्वारा उपार्जन नीति एवं जिला स्तर से जारी निर्देशों के विपरीत गेहूँ का उपार्जन किया गया तथा ई-उपार्जन पोर्टल पर मात्रा 685 मीट्रिक टन गेहूँ कीमत 1 करोड़ 32 लाख 5 हजार रुपये की फर्जी प्रविष्टि कर धोखाधड़ी की गई। खरीदी केंद्र 3 में 148 मीट्रिक टन गेहूँ की कमी पाई गयी और उपार्जन पोर्टल पर 28 लाख 49 हजार किसानों के नाम पर फर्जी ई-प्रविष्टियाँ दर्ज की गयीं। इसी प्रकार केन्द्र क्रमांक 4 में खरीदी स्थल पर 538 मीट्रिक टन गेहूँ की कमी थी और पोर्टल पर 1 करोड़ 3 लाख 56 हजार किसानों के नाम पर फर्जी ई-प्रविष्टियाँ दर्ज की गयी थीं। शिकायत पर खरीदी केंद्र  के समिति प्रबंधक मुन्ना लाल बरखेड़ा, खरीदी प्रभारी रोहित शर्मा एवं ऑपरेटर अनुज दुबे के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 470, 34 के तहत मामला दर्ज कर जाँच में लिया गया है।
ढाई हजार क्विंटल गेहूँ अमानक-
शिकायत में बताया गया कि खरीदी केंद्रों की जाँच के दौरान पता चला कि इन केंद्रों से भंडारण के लिए 2 हजार 574 क्विंटल गेहूँ भेजा गया था, उसमें रेत, मिट्टी मिक्स थी। भंडारण के लिए भेजा गया गेहूँ अमानक क्वॉलिटी का था।
पुराने बारदानों से मँगाया गेहूँ-
 जाँच में पता चला कि ट्रक क्रमांक एमपी 20 जीए 7506 से पुराने बारदाने में मिट्टी एवं कुसी युक्त गेहूँ अन्यत्र स्थानों से भरकर लाया गया एवं उक्त बोरों से गेहूँ खाली कर खरीदी स्थल में ढेर लगाए गये थे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।