दैनिक भास्कर हिंदी: कोरेगांव मामला : गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से राहत का समय बढ़ा, स्वामी की याचिका खारिज 

December 14th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। भीमा-कोरेगांव हिंसा और माओवादियों से कथित संबंधो के मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर आशंकित सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से मिली राहत को बांबे हाईकोर्ट ने 14 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया है। जबकि इसी तरह कि राहत की मांग को लेकर याचिका दायर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता स्टैन स्वामी की याचिका को खारिज कर दिया। वहीं हाईकोर्ट ने इसी मामले में प्रोफेसर आनंद तेलतुंबड़े को मिली गिरफ्तारी से राहत को 17 दिसंबर तक बरकरार रखा है। 

जस्टिस बीपी धर्माधिकारी व जस्टिस सारंग कोतवाल की बेंच ने पाया कि नवलखा से जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में प्रलंबित है और वहां पर सुनवाई 10 जनवरी को रखी गई है। महाराष्ट्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में नवलखा की गिरफ्तारी की मांग नहीं की है। इसलिए हम नवलखा को मिली गिरफ्तारी की राहत को 14 जनवरी 2019 तक बढाते हैं। नवलखा की ओर से अधिवक्ता युग चौधरी ने पक्ष रखा। 

सुनवाई के दौरान सरकारी वकील अरुणा पई ने कहा कि स्टैन स्वामी को हम इस प्रकरण में संदिग्ध के रुप में देख रहे हैं और अभी भी मामले की जांच जारी है। ऐसे में उसे अनिश्चित कालीन के लिए गिरफ्तारी से राहत नहीं दी जानी चाहिए। वहीं स्वामी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मिहीर देसाई ने कहा कि उनके मुवक्किल 83 साल के हैं। पुलिस उन पर गैर कानूनी गतिविधि प्रतिबंधक कानून लगाने पर विचार कर रही है। यह कानून काफी कड़ा है। जिसमे अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है। इसलिए अंतरिम राहत को बरकरार रखा जाए। 

बेंच ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद स्वामी की याचिका को खारिज कर दिया। स्वामी के बाद प्रोफेसर तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई हुई। उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। श्री देसाई ने कहा कि मेरे मुवक्किल का माओवादियों से कोई संबंध नहीं सिर्फ मामले में पकड़े गए एक आरोपी के पास कुछ दस्तावेज मिले हैं। शुक्रवार को तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हुई। इसे देखते हुए बेंच ने अंतरिम राहत को बरकरार रखा और मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। तेलतुंबडे ने याचिका में खुद के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की है।