दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में बढ़ा लड़कियों का दर, एक हजार लड़कों पर 968 लड़कियां

September 4th, 2019

डिजिटल डेस्क,नागपुर। शहरवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। विविध योजना और जनजागृति अभियान से शहर में लिंग अनुपात में काफी सुधार आया है।  2011 की जनगणना की तुलना में जनवरी से जुलाई 2019 के बीच नागपुर शहर में लड़कियों का जन्मदर प्रमाण बढ़ा है। 2011 की जनगणना अनुसार एक हजार लड़कों पर शहर में 926 लड़कियां थीं। जनवरी 2019 से जुलाई 2019 के बीच एक हजार लड़कों पर 968 लड़कियां होने की जानकारी सदर स्थित रोग निदान केंद्र में पीसीपीएनडीटी की बैठक में सामने आई। 

बैठक में ये थे उपस्थित

बैठक में मनपा स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. भावना सोनकुसले, सदर रोग निदान केंद्र की डॉ. शिल्पा जिचकार, डॉ. अंजुम बेग, कल्पना वानखेड़े, प्रदीप कुंभारे सहित अन्य डॉक्टर, नर्स, आशा सेविका, टीबी कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक में कहा गया कि लड़कियों की जन्मदर कम होने के लिए समाज की मानसिकता जिम्मेदार है। शहर में लिंग अनुपात बढ़ाने के लिए नागपुर मनपा द्वारा समय-समय पर जनजागृति की है। सभी डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया। सोनोग्राफी करने वाले डॉक्टर का प्रबोधन किया गया। फलत: शहर में लड़कियों का जन्मदर प्रमाण बढ़ा है। स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. भावना सोनकुसले ने कहा कि शहर में पीसीपीएनडीटी नियमों का व्यवस्थित पालन किया जा रहा है। मनपा के डॉक्टर हर तीन महीने में शहर के 630 सोनोग्राफी सेंटर में भेंट देकर उसकी जांच करते हैं। उसकी यह सफलता है। 

एक लाख का इनाम  

बैठक में गर्भंलिंग परीक्षण करने वालों का नाम बताने पर संबंधित व्यक्ति को एक लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की गई। कहा गया कि अगर कोई डॉक्टर सोनोग्राफी कर गर्भलिंग की जांच कर पुत्र या पुत्री होने की जानकारी देता है, तो उसका नाम विभाग को सूचित करें। जानकारी सही साबित होने पर संबंधित को सरकार द्वारा एक लाख रुपए इनाम घोषित है। इसके अलावा डिकॉय केस सफल होने पर सरकार द्वारा 25 हजार और डॉक्टरों की आईएमए संस्था द्वारा भी इनाम दिया जाएगा।  बता दें कि सरकार ने गर्भ लिंग परीक्षण पर बैन लगाते हुए कड़े नियम लागू किए हैं । लड़कियों का जन्मदर बढ़ने का यह भी एक सबसे बड़ा कारण माना जा सकता है।