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अगले हफ्ते सरकार गठन की उम्मीद, भाजपा-शिवसेना में गतिरोध बरकारार, सोनिया से मिलेंगे पवार

अगले हफ्ते सरकार गठन की उम्मीद, भाजपा-शिवसेना में गतिरोध बरकारार, सोनिया से मिलेंगे पवार

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में सरकार बनाने की दिशा में गतिरोध बरकरार है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार ने भी अपने पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर राज्य के राजनीतिक हालात को लेकर चर्चा की। राकांपा विधायक दल के नेता अजित पवार ने बताया कि आगामी 4 नवंबर, सोमवार को पवार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। राज्य में सरकार बनाने में कांग्रेस-राकांपा की भूमिका पर सभी की निगाहे हैं। शिवसेना कांग्रेस-राकांपा के समर्थन से अपनी सरकार बना सकती है। हालांकि इसको लेकर कांग्रेस दो फाड़ हो गई है। पार्टी के कुछ नेता शिवसेना को समर्थन देने की वकालत कर रहे तों कुछ इसे पार्टी के लिए नुकसानदायक मान रहे। 

शनिवार को भाजपा में बैठकों का दौरा चला जबकि शिवसेना का आक्रामक रुख कायम रहा। इस बीच वरिष्ठ भाजपा नेता व राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने दावा किया है कि 6 नवंबर तक नई सरकार का गठन हो जाएगा। शनिवार को भाजपा-शिवसेना महायुति में शामिल छोटे दलों ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सबसे बड़े दल भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिए जाने की मांग की। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील ने शनिवार की दोपहर प्रदेश भाजपा कार्यालय में केंद्रीय संगठन मंत्री बी सतीश और प्रदेश भाजपा के संगठन मंत्री विजय पुराणिक के साथ एक घंटे तक बैठक की। हालांकि पाटील ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। बैठक के बाद पाटील मुख्यमंत्री आवास वर्षा के लिए रवाना हो गए।  

शिवसेना सत्ता से एक कदम दूरः राउत

इस बीच शिवसेना की तरफ से मोर्चा संभाल रहे सांसद संजय राउत ने दावा किया कि भाजपा के सहयोग के बगैर हम सरकार बनाने से सिर्फ एक कदम दूर हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा सबसे बड़ा दल है, इस लिए सरकार बनाने का पहला मौका उसे मिलना चाहिए पर यदि वे सरकार नहीं बना सके तो शिवसेना सरकार गठन करेगी। हमारे पास शिवसेना को समर्थन देने वालों के पत्र हैं। उन्होंने दावा कि शिवसेना 145 का जादुई आकड़ा जुटा लेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था। इस लिए आखिरी पल तक गठबंधन धर्म निभाएगी।

शिवसेना को समर्थन के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को पत्र

इस बीच कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य हुसैन दलवाई ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख कहा है कि भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए पार्टी को शिवसेना का समर्थन करना चाहिए। विधानसभा चुनाव परिणाम आए 10 दिन बीत गए हैं पर अभी तक नई सरकार नहीं बन सकी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि अब शिवसेना की राजनीति बदल गई है अब पार्टी सर्वसमावेशक राजनीति में विश्वास करती है। इस लिए शिवसेना को समर्थन देने में कोई समस्या नहीं है। राष्टपति चुनाव में शिवसेना प्रतिभा पाटील और प्रणव मुखर्जी को समर्थन दी थी।   

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।