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जेल में कैदियों की रोजाना होगी स्क्रीनिंग, हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने दी जानकारी 

जेल में कैदियों की रोजाना होगी स्क्रीनिंग, हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने दी जानकारी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। जेल में कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए अब राज्य सरकार सभी जेलो में बंद कैदियों की रोजाना स्क्रीनिंग करेगी। जिसके अंतर्गत कैदियों के शरीर का तापमान प्रतिदिन जांचा जाएगा। यदि कैदी का तापमान 100.4 डिग्री पाया जाएगा, तो उसके उपचार की दिशा में तुरंत समुचित कदम उठाए जाएंगे। शुक्रवार को राज्य के महाधिवक्ता आशुतोष कुम्भकोणी ने इस आशय से जुड़ा मसौदा बॉम्बे हाईकोर्ट में पेश किया। 

मसौदे के मुताबिक सरकार राज्य के 27 जिलों में बनाई गई 36 अंशकालिक जेलों को कोरोना देखरेख केंद्र व क्वारेंटीन सेंटर के रूप में परिवर्तित किया जाएगा, जहां कोरोना संक्रमित कैदियों का उपचार किया जा सके। इसके अलावा 60 साल से ज्यादा उम्र वाले कैदियों को जेल के भीतर ही अलग रखने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। यदि 60 साल के कैदी शुगर, उच्च रक्तचाप व कैंसर से पीड़ित हैं, तो नियमित अंतराल पर इनकी जांच की जाएंगी। जेल में कैदियों में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों में भी बदलाव किया जाएगा और कोरोना के संक्रमण व लक्षण के हिसाब से मरीजों का वर्गीकरण होगा। 

हाईकोर्ट में पीपल यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही हैं। याचिका में मांग की गई है कि सरकार को जेल में कैदियों को कोरोना से बचाने व सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया जाएं। शुक्रवार को यह याचिका मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आयी।

इस दौरान राज्य के महाधिवक्ता ने कैदियों की रोजाना स्क्रीनिंग किए जाने के आशय से जुड़ा मसौदा खंडपीठ के सामने पेश किया। जिस पर गौर करने के बाद खंडपीठ ने मसौदे पर याचिकाकर्ता के वकीलों को अपने सुझाव व सिफारिश देने को कहा और मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। 

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