comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन आना होगा कार्यालय, नागपुर-अकोला-अमरावती- औरंगाबाद में 15 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य

सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को सप्ताह में एक दिन आना होगा कार्यालय, नागपुर-अकोला-अमरावती- औरंगाबाद में 15 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार के मंत्रालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों को अब सप्ताह में एक दिन कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। इसके मुताबिक सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सप्ताह में जिस दिन कार्यालय में हाजिर रहने के लिए कहा जाएगा, अगर उस दिन वह नहीं आते हैं, तो उनको वेतन नहीं मिल सकेगा। यह आदेश सरकार के सभी सरकारी कार्यालय, महामंडलों और आस्थापना में 8 जून से लागू होगा। सभी विभागों को अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए रोस्टर तैयार करने को कहा गया है। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश सभी प्रशासकीय विभाग को दिए हैं। सरकार ने कहा है कि लॉकडाउन के चलते सीमित अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय का कामकाज चलाया जा रहा है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान कुछ अधिकारी और कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय से गैर हाजिर हैं। इसकी वजह से उपस्थित कर्मचारियों पर कामकाज का अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। 

नागपुर सहित अकोला, अमरावती, औरंगाबाद मनपा क्षेत्र में सरकारी कार्यालयों में 15 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य

राज्य के मुंबई महानगर प्रादेशिक विकास क्षेत्र (एमएमआर) की सभी महानगर पालिकाएं, नागपुर, औरंगाबाद,अमरावती, अकोला, जलगांव, धुलिया, नाशिक, मालेगांव, पुणे, सोलापुर मनपा क्षेत्र के सभी सरकारी कार्यालयों में 15 प्रतिशत अथवा कम से कम 15 कर्मचारी इनमें से जो अधिक होगा, कर्मचारियों की उपस्थिति रखनी होगी। शुक्रवार को प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक यह फैसला 3 जून से लागू माना जाएगा। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए रोटेशन पद्धति लागू करने को कहा है। सरकार के अगले आदेश तक यह फैसला लागू रहेगा। 

ईमेल आईडी और वाट्सएप नंबर इस्तेमाल की अनुमति 

लॉकडाउन की अवधि में राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मचारी सरकारी कामकाज के लिए अपने ईमेल आईडी और वाट्सएप एप नंबर का इस्तेमाल कर सकेंगे। सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। सरकार के कामकाज के लिए सरकारी एनआईसी ईमेल का उपयोग होता है पर लॉकडाउन के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों घर से कामकाज तुरंत निपटाने के लिए अपने ईमेल आईडी के इस्तेमाल की छूट दी गई है। सरकार ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने सरकारी ईमेल आईडी के अलावा नियमित उपयोग में लाए जाने वाले ईमेल आईडी, एसएमएस और वाट्सएप सुविधा युक्त मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा है। 


 

कमेंट करें
N9xbR
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।