दैनिक भास्कर हिंदी: मनोरंजन जगत के लिए नई नीति तैयार करेगी सरकार

October 22nd, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मनोरंजन क्षेत्र के लिए राज्य का सांस्कृतिक कार्य विभाग नई नीति तैयार करेगा। यह नीति हिंदी, मराठी व अन्य प्रादेशिक भाषाओं में बनने वाली फिल्मों की बढ़ती संख्या, धारावाहिकों व विज्ञापन को देखते हुए बनाई जा रही है। राज्य के  सांस्कृतिक कार्य मंत्री अमित देशमुख ने यह जानकारी दी है। गुरुवार को दादासाहब फालके फिल्मसिटी निदेशक मंडल की बैठक में देशमुख ने मनोरंजन क्षेत्र के लिए बनाई जाने वाली नई नीति के बारे में जानकारी दी। नई नीति में फिल्म, धारावाहिक, ओटीटी, रंगमंच, लोककला व विज्ञापन को शामिल किया जाएगा। देशमुख ने कहा कि फिल्मसिटी नई नीति का प्रारुप बनाएगी। उन्होंने कहा कि नई नीति में एकल खिड़की योजना के विस्तारिकरण के पहलू का भी अध्ययन किया जाएगा। जिसके तहत यह देखा जाएगा कि फिल्म क्षेत्र के लिए जरुरी केंद्र व राज्य सरकार की ओर दी जानेवाली अनुमति क्या एक स्थान से दी जा सकती है। अनजाने पर्यटन स्थलों को भी इस नीति में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल मुंबई व उपनगर में शूटिंग के लिए एकल खिड़की योजना शुरु है, दूसरे चरण में यह योजना नाशिक, पुणे, अहमदनगर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सातारा में लागू की जाएगी, जबकि तीसरे चरण में शेष जिलों में इस योजना को लागू किया जाएगा। बैठक में फिल्मसिटी के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पैनल तैयार करने, फिल्म निर्माताओं को वाजिब दर पर शूटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने, फिल्मसिटी के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति करने, वहां उपहारगृह शुरु करने, विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए इनटर्नसिप शुरु करने व फिल्मसिटी की आमदनी बढ़ाने सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में सांस्कृतिक कार्य राज्यमंत्री राजेंद्र पाटील-यड्रावकर फिल्मसिटी की प्रबंध निदेशक मनीषा वर्मा, सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव सौरभ विजय सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। 

नई बस खरीदने एसटी को मिले 59 करोड़

महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) कोनई बसें खरीदने औरबस स्टैंडोंके आधुनिकीकरण के लिए 59.26 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। गुरुवार को राज्य सरकार ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया। इसके अनुसार राज्य सरकार ने साल 2020-21 के बजट में एसटी महामंडल की पुरानी बसों को बदलकर नई बसें खरीदने और बस स्टैंडों को आधुनिक बनाने के लिए निधि का प्रावधान किया था। इसके अनुसार सरकार ने यह राशि उपलब्ध कराई है।