comScore

कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों को जागरुक करने सरकार खर्च करेगी पांच करोड़, थियेटर कलाकार करेंगे मदद

कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों को जागरुक करने सरकार खर्च करेगी पांच करोड़, थियेटर कलाकार करेंगे मदद

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में अब प्रयोगात्मक कला के जरिए थिएटर कलाकार कोरोनारोधी टीकाकरण के बारे में जनजागृति करेंगे। प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार ने यह फैसला लिया है।सरकार कोरोना का टीका लगवाने के बारे में जागरूकता पैदा करने के कामों पर पांच करोड़ रुपए खर्च करेगी। राज्य के सांस्कृतिक कार्य विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। हर जिले में कोरोना महामारी प्रतिबंध व टीकाकरण के लिए वासुदेव, बहुरुपी आदि एकल अथवा समूह में कलाकार जनजागृति करेंगे। यह कलाकार टीकाकरण के अलावा कोरोनाकाल में कम व्यक्तियों की उपस्थिति में विवाह समारोह, धार्मिक कार्यक्रम, त्यौहार, उत्सव, प्रथा, परंपरा, कार्यक्रम और महोत्सव के आयोजन के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही लोगों को मास्क के इस्तेमाल, हाथ धोने, बुजुर्गों और छोटे बच्चों का ध्यान रखने और कोरोना के नियमों का पालन करने के बारे में लोगों को बताएंगे।

जिलाधिकारी द्वारा सुझाए गए विषयों पर कलाकारों को जागरूकता कार्यक्रम करना होगा। इस काम के लिए कलाकारों का चयन राज्य के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के निदेशक और सूचना व जनसंपर्क निदेशालय की मदद से किया जाएगा। संबंधित जिलों के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिलेवार चयनित कालाकारों की सूची को सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के माध्यम से जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।जनजारूकता कार्यक्रमों की निगरानी संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली स्थानीय समिति करेगी। इस समिति में जिला सूचना अधिकारी को अभियान समन्वयक के रूप में शामिल किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत स्तर पर समूह अथवा एकल रूप में कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण होने के बाद कलाकारों को जिला परिषद स्कूल के मुख्याध्यापक, ग्रामसेवक और पटवारी प्रमाणपत्र देंगे। जबकि मनपा क्षेत्र में वार्ड ऑफिसर अथवा प्राधिकृत अधिकारी, नगर पालिका क्षेत्र में मुख्याधिकारी अथवा प्राधिकृत अधिकारी को प्रमाणपत्र देना होगा। 

कलाकारों को इसी प्रमाणपत्र को मानधन मांगने के पत्र के साथ जोड़ना पड़ेगा। इन कार्यक्रमों के लिएकलाकार को प्रति दिन अधिकतम 500 रुपए मानधन दिया जाएगा। एक दिन में एकल कलाकारों को 7 प्रस्तुतियां देनी होगी। एकल कलाकार अधिकतम दस दिनों तक यह कार्यक्रम कर सकेंगे। दो अथवा तीन कलाकारों के समूह को हर दिन चार प्रस्तुति देनी होगी। हर जिले में जनजागृति कार्यक्रम के लिए अधिकतम 300 कलाकारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस काम के लिएहर जिला अधिकतम 13 लाख 50 हजार रुपए खर्च कर सकेगा। 
 

कमेंट करें
FGHPC
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।