दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों को जागरुक करने सरकार खर्च करेगी पांच करोड़, थियेटर कलाकार करेंगे मदद

May 6th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में अब प्रयोगात्मक कला के जरिए थिएटर कलाकार कोरोनारोधी टीकाकरण के बारे में जनजागृति करेंगे। प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार ने यह फैसला लिया है।सरकार कोरोना का टीका लगवाने के बारे में जागरूकता पैदा करने के कामों पर पांच करोड़ रुपए खर्च करेगी। राज्य के सांस्कृतिक कार्य विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। हर जिले में कोरोना महामारी प्रतिबंध व टीकाकरण के लिए वासुदेव, बहुरुपी आदि एकल अथवा समूह में कलाकार जनजागृति करेंगे। यह कलाकार टीकाकरण के अलावा कोरोनाकाल में कम व्यक्तियों की उपस्थिति में विवाह समारोह, धार्मिक कार्यक्रम, त्यौहार, उत्सव, प्रथा, परंपरा, कार्यक्रम और महोत्सव के आयोजन के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही लोगों को मास्क के इस्तेमाल, हाथ धोने, बुजुर्गों और छोटे बच्चों का ध्यान रखने और कोरोना के नियमों का पालन करने के बारे में लोगों को बताएंगे।

जिलाधिकारी द्वारा सुझाए गए विषयों पर कलाकारों को जागरूकता कार्यक्रम करना होगा। इस काम के लिए कलाकारों का चयन राज्य के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के निदेशक और सूचना व जनसंपर्क निदेशालय की मदद से किया जाएगा। संबंधित जिलों के स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिलेवार चयनित कालाकारों की सूची को सांस्कृतिक कार्य निदेशालय के माध्यम से जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी।जनजारूकता कार्यक्रमों की निगरानी संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली स्थानीय समिति करेगी। इस समिति में जिला सूचना अधिकारी को अभियान समन्वयक के रूप में शामिल किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत स्तर पर समूह अथवा एकल रूप में कार्यक्रम का प्रस्तुतिकरण होने के बाद कलाकारों को जिला परिषद स्कूल के मुख्याध्यापक, ग्रामसेवक और पटवारी प्रमाणपत्र देंगे। जबकि मनपा क्षेत्र में वार्ड ऑफिसर अथवा प्राधिकृत अधिकारी, नगर पालिका क्षेत्र में मुख्याधिकारी अथवा प्राधिकृत अधिकारी को प्रमाणपत्र देना होगा। 

कलाकारों को इसी प्रमाणपत्र को मानधन मांगने के पत्र के साथ जोड़ना पड़ेगा। इन कार्यक्रमों के लिएकलाकार को प्रति दिन अधिकतम 500 रुपए मानधन दिया जाएगा। एक दिन में एकल कलाकारों को 7 प्रस्तुतियां देनी होगी। एकल कलाकार अधिकतम दस दिनों तक यह कार्यक्रम कर सकेंगे। दो अथवा तीन कलाकारों के समूह को हर दिन चार प्रस्तुति देनी होगी। हर जिले में जनजागृति कार्यक्रम के लिए अधिकतम 300 कलाकारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस काम के लिएहर जिला अधिकतम 13 लाख 50 हजार रुपए खर्च कर सकेगा। 
 

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