दैनिक भास्कर हिंदी: विधानपरिषद की राज्यपाल कोटे वाली सीटों पर राज्यपाल नहीं करेंगे नियुक्ति- मुश्रीफ

November 2nd, 2020

डिजिटल डेस्क मुंबई। राज्य की महा आघाडी सरकार के मंत्री को पहले से ही आशंका है कि राजियपाल भगत सिंह कोश्यारी राज्यपाल कोटे की विधान परिषद सीटों को मंजूरी नहीं देंगे। प्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा है कि राज्यपाल राज्य मंत्रिमंडल की इस सिफारिश को बगल रख देंगे। सोमवार को कोल्हापुर में मुश्रीफ ने दावा किया कि राज्यपाल कोटे की सीटों पर नियुक्ति को लेकर विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस और राज्यपाल में पहले ही सब कुछ तय हो चुका है। मुश्रीफ ने कहा कि जन सुराज्य शक्ति पार्टी के विधायक विनय कोरे की माताजी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए राकांपा के नेता तथा कोल्हापुर जिला बैंक के निदेशक भैय्यासाहब माने और राकांपा के कोल्हापुर जिला परिषद सदस्य युवराज पाटील उनके यहां पर गए हुए थे। इसी दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील भी वहां पहुंचे थे। पाटील ने कोरे की माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। फिर चार-पांच मिनट बाद राज्यपाल कोटे की सीटों पर नियुक्ति के संबंध में चर्चा शुरू हुई। इस दौरान पाटील ने कहा कि कोरे आप कुछ चिंता मत करिए। देवेंद्रजी और राज्यपाल के बीच तय हो गया है कि राज्यपाल कोटे की सीटों पर नियुक्ति के लिए 12 नामों को बगल में रख देना है। मुश्रीफ ने कहा कि पाटील जब यह बात बता रहे थे तो उनके ध्यान में यह बात नहीं आई कि पास में राकांपा के दो नेता बैठे हुए हैं। लेकिन जब राकांपा नेता माने उठकर चले गए तो पाटील ने उन्हें फोन किया। पाटील ने माने से कहा कि मास्क पहनने के कारण मैं आपको पहचान नहीं सका। 

मुश्रीफ ने कहा कि शायद पाटील को उनके निजी सहायक (पीए) ने बताया होगा कि राकांपा के दो नेता मौजूद थे। इसलिए पाटील ने माने को फोन किया। मुश्रीफ ने कहा कि माने ने ही मुझे यह बात बताई है। मुश्रीफ ने कहा कि मैं यह बात मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राकांपा अध्यक्ष शरद पवार के संज्ञान में लाऊंगा। मुश्रीफ ने कहा कि राज्य सरकार के सभी फैसलों को रोकने की कोशिश करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुश्रीफ ने कहा कि राजभवन में प्रदेश सरकार के विरोधियों को इससे पहले इतना समय कभी नहीं मिलता था।  

मुश्रीफ ने कहा कि बीते दिनों मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने बिजली बिलों को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की थी। जिस पर राज्यपाल ने राज को राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मिलने की सलाह दी थी। वास्तव में राज्यपाल को यह बात कहने की आवश्यकता नहीं थी। क्योंकि प्रदेश के प्रमुख मुख्यमंत्री हैं। सरकार के सभी फैसले मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल करता है। 

मुश्रीफ के आरोपों पर भाजपा के विधायक अतुल भातखलकर ने जवाब दिया है। भातखलकर ने कहा कि राज्यपाल संविधान के अनुसार काम करते हैं। संविधान के दायरे के अनुसार जो नाम दिए गए होंगे वह मंजूर होंगे। जो नाम संविधान के दायरे के बाहर होंगे वह मंजूर नहीं होंगे। भाजपा विधायक ने कहा कि मुश्रीफ को इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए। 

मुश्रीफ के आरोपों पर चंद्रकात पाटील का टिप्पणी करने से इंकार 

ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ के आरोप पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पाटील ने  टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। पाटील ने कहा कि राज्यपाल कोटे की सीटों पर नियुक्ति का फैसला लेने का अधिकार राज्यपाल को है। मुश्रीफ संविधान के अनुसार राज्यपाल की गरिमा बनाए रखना नहीं चाहते, लेकिन मुझे राज्यपाल के अधिकार और स्वतंत्रता की गरिमा बनाए रखनी है। इसलिए इस पर मेरा टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

 

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