हाईकोर्ट : तीन साल की बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या करनेवाले आरोपी की फांसी बरकरार

November 25th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के मामले में दोषी पाए 30 साल के आरोपी की फांसी की सजा को कायम रखा है। कोर्ट ने आरोपी रामकिरत गौड के कृत्य के भीषण व बर्बर करार देते हुए कहा कि समाज में लड़कियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। पाक्सो कोर्ट ने आरोपी गौड को मार्च 2019 में फांसी की सजा सुनाई थी। जिसे न्यायमूर्ति साधना जाधव व न्यायमूर्ति पीके चव्हाण ने कायम रखा है।खंडपीठ ने फैसले में आरोपी के कृत्य को जघन्य मानते हुए कहा है कि यह मामला विरलत मामलों की श्रेणी में आता है। खंडपीठ ने कहा कि आरोपी की खुद की दो बेटिया और एक बेटा है। ऐसे में आरोपी ने जिस क्रूर्रता से अपने कुत्ते के साथ खेल रही तीन साल की बच्ची की हत्या की है वह अकल्पनीय है। और आरोपी को अपने कृत्य को लेकर कोई पश्चाताप भी नहीं है। 

ठाणे के एक इमारत में चौकीदार के रुप में काम करनेवाला गौड़ उसी इलाके में रहता था। जहां बच्ची रहती थी। सितंबर 2013 में आरोपी ने पहले बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। और फिर उसके शव को दलदल में फेक दिया था। इस पर खंडपीठ ने अपने फैसले में लिखा है कि ऐसे लगता है जैसे कीचड़ में फूल खिलने से पहले ही उसे मसल दिया गया हो और जब पतंग उडने को थी तो उसे फांड दिया गया हो। खंडपीठ ने कहा कि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दर्शाती है कि आरोपी ने बच्ची पर भीषण बर्बता बरती गई थी। यह बाते कहते हुए खंडपीठ ने आरोपी को सुनाई गई फांसी की सजा को कायम रखा। और बच्ची के पिता को नियमानुसार मुआवजा देने का भी निर्देश दिया।