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हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी : अर्थ व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे पर्यावरण क्या संभालेंगे

हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी : अर्थ व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे पर्यावरण क्या संभालेंगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अच्छे संसाधन होने के बावजूद जब सरकार से राष्ट्र की अर्थव्यवस्था नहीं संभाली जा रही है तो वह पर्यावरण को कैसे संभालेगी। बांबे हाईकोर्ट ने मेट्रो कारशेड के लिए मुंबई के आरे इलाके में 2646 पेड़ काटे जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह तल्ख टिप्पणी की है। सामाजिक कार्यकर्ता जोरु भतेना ने इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में मुंबई महानगरपालिका द्वारा मेट्रो (3) कारशेड के लिए 2646 पेड काटने की अनुमति दिए जाने के निर्णय को चुनौती दी गई है। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांदराजोग व न्यायमूर्ति भारती डागरे की खंडपीठ के सामने इस मामले की सुनवाई चल रही है। इस दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता जनक द्वारका दास ने कहा कि पेड काटने की अनुमति का निर्णय चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले बेहद जल्दबाजी में लिया गया है। यह निर्णय लेते समय विवेक का इस्तेमाल नहीं किया गया है और ट्री एक्ट के प्रावधानों का भी पालन नहीं किया गया है।

मेट्रो कारशेड के लिए 2646 पेड़ काटे जाने का मामला

स्थानीय निकाय का मुख्य उद्देश्य पेड़ों की संरक्षण करके शहर की हरियाली कायम रखना है लेकिन मनपा तकनीकी आधार पर पेड़ो को काटने की अनुमति दे रही है। इस अनुमति को तर्कसंगत नहीं माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट की तरह मुंबईकरो के हित जरुरी हैं। विकास व पर्यावरण को लेकर जारी इस विवाद से जुड़ी दलीलों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि जब सरकार श्रेष्ठ संसाधन के बावजूद राष्ट्र की अर्थव्यवस्था नहीं संभाल पा रही है तो वह पर्यावरण को कैसे संभालेगी। देश में अच्छे-अच्छे अर्थशास्त्री हैं। फिर भी ऐसा लगता है जैसे कुछ कमी है। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि मनपा ने पेड़ो को लेकर दो विशेषज्ञों की सिफारिशों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है। मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।