दैनिक भास्कर हिंदी: पूजा चव्हाण मौत मामला : ऑडियो क्लिप से मेल खा रही है पूर्व मंत्री की आवाज

August 3rd, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पूर्व मंत्री और शिवसेना नेता संजय राठौड़ की मुश्किलें बढ़ सकतीं हैं। इसी साल पुणे में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाईं गईं 23 वर्षीय पूजा चव्हाण के मोबाइल से मिले ऑडियो क्लिप की फारेंसिंक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि दूसरी आवाज राठौड़ की ही है। बता दें कि पूजा की चव्हाण की बीते 8 फरवरी को पुणे की जिस इमारत में वे रहतीं थीं उससे गिरने से मौत हो गई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो क्लिप वायरल हुईं थीं। इसके बाद मामले की छानबीन कर रही पुणे पुलिस ने पूजा का फोन अपने कब्जे में लेकर कुछ ऑडियो क्लिप्स फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। पुणे की फॉरेंसिक प्रयोगशाला ने पुणे पुलिस को जो रिपोर्ट सौंपी है उससे इस बात की पुष्टि होती है कि क्लिप में राठौड़ की आवाज है। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक फारेंसिक जांच में साफ हुआ कि क्लिप में पूजा, राठौड़ और उनके एक सहयोगी की आवाज है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दूसरे सबूत जुटाने की भी कोशिश की जा रही है। पूजा की मौत के बाद जो ऑडियो वायरल हुआ था वह बंजारा भाषा में था। दावा किया जा रहा था कि इस बातचीत में राठौड़ ने एक व्यक्ति से कहा कि दरवाजा तोड़कर पूजा का मोबाइल अपने कब्जे में ले लो। इससे पहले विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि किसी ने उनके कार्यालय में महिला (पूजा चव्हाण)  के बारे में बातचीत करने वाले दो लोगों के 12 क्लिप भेजे थे जिन्हें उन्होंने जांच के लिए पुलिस महानिदेशक कार्यालय को सौंप दिया था। गौरतलब है कि इस मामले को लेकर संजय राठौड को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। 

हाईकोर्ट का सवाल - महाराष्ट्र बिक्री कर न्यायाधिकरण में कब होगी नियुक्ति, नागपुर-पुणे में नहीं हो पा रहा काम

वहीं बांबे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि महाराष्ट्र बिक्री कर न्यायाधिकरण में न्यायिक व तकनीकी सदस्यों के रिक्त पदों पर कब तक नियुक्ति की जाएगी। हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को इस बारे में हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में न्यायाधिकरण में एक ही न्यायिक सदस्य हैं, जो मुंबई में बैठते हैं। इससे नागपुर व पुणे में काम नहीं हो पा रहा है। यह दावा करते हुए टैक्स बार एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में मांग की गई है कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत पांच सालों के लिए न्यायाधिकरण में न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया जाए। इससे पहले सरकार ने दो साल के लिए न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति की थी। न्यायमूर्ति के के तातेड व न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण की खंडपीठ के सामने एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान एसोसिएशन की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कहा कि न्यायाधिकरण में न्यायिक सदस्य का पद रिक्त होने के चलते पुणे व नागपुर में उनके मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। जबकि उनके मामले में तत्काल सुनवाई की जरुरत है। इन दलीलों व याचिका पर गौर करने के बाद राज्य सरकार से पूछा कि कितने समय में न्यायाधिकरण में रिक्त पदों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को इस मामले को लेकर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। खंडपीठ ने याचिका पर 6 अगस्त 2021 को सुनवाई रखी है। 

 

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