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कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मामले पर सुनवाई अब 4 को

कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मामले पर सुनवाई अब 4 को

डिजिटल डेस्क जबलपुर । हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रदेश सरकार को कोरोना बीमारी के उपचार में लगे डॉक्टरों की ड्यूटी से संबंधित मामले पर शासकीय अधिवक्ता को सरकार से निर्देश लेकर पक्ष रखने कहा है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की एकलपीठ अगली सुनवाई 4 जून को निर्धारित की है। यह याचिका बैतूल के जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. जगदीश घोरे व 8 अन्य की ओर से दायर की गई, जिसमें कोरोना का इलाज करने वाले डॉक्टरों की ड्यूटी को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वीडीएस चौहान और राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता पीयूष जैन व शारदा दुबे ने सुनवाई के दौरान पक्ष रखा। निचली अदालतों ने वीसी से निराकृत किए 6716 मुकदमें जबलपुर। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश की निचली अदालतों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 9912 मुकदमों की सुनवाई की और 6716 मुकदमों का निराकरण किया। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार प्रशासन प्रियदर्शन शर्मा के अनुसार अधीनस्थ न्यायालयों में सोशल डिस्टेसिंग का पूर्ण पालन करते हुए न्यायिक कार्य किया जा रहा है। निराकृत किए गए मामलों में दाण्डिक पुनरीक्षण, जमानत अर्जियां, रिमांड प्रपत्र, क्रिमीनल व सिविल अपीलें शामिल हैं।
कर्मचारी से रिकवरी पर रोक: रीवा के एक रिटायर्ड कर्मचारी की पेंशन रोककर उससे 21 लाख 82 हजार रुपए की वसूली किए जाने पर जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने रोक लगा दी है। रामबहोर मिश्रा की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि रिटायरमेंट के बाद सरकार द्वारा की जा रही यह कार्रवाई अवैधानिक है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आदित्य जैन का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने मामले पर नोटिस जारी करते हुए सरकार को कहा है कि वो याचिकाकर्ता की पेंशन व ग्रेज्युटी रिलीज करने पर भी विचार कर सकती है।
 

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