दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में भारी पोल्यूशन, सेहत के लिए ठीक नहीं है यहां की आबोहवा- जानिए क्या कहती है रिपोर्ट

November 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। संतरानगरी की आबोहवा ठीक नहीं है। भारी पोल्यूशन की चपेट में आ चुका है शहर।   विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से वर्ष 2008 से 2017 तक दुनिया के 91 देशों के 2700 शहरों में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण पीएम 2.5 की सालाना मध्यमान (मीन) के आधार पर विकिपीडिया की ओर से तैयार लिस्ट में  भारत के कई शहर प्रमुखता से शामिल हैं। यहां तक कि पहले स्थान से सातवें स्थान तक भारत के ही  शहर हैं। इनमें पहले स्थान पर कानपुर और इसके बाद क्रमश: फरीदाबाद, गया, वाराणसी, पटना, दिल्ली और लखनऊ है। अपेक्षाकृत कम प्रदूषित माना जाने वाला नागपुर शहर  इस लिस्ट में 33 स्थान पर है। सूची के अनुसार वर्ष 2008 से 2017 तक नागपुर में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार खराब नजर आ रही है। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में लगातार बिगड़ती प्रदूषण की स्थिति के मद्देनजर विश्व स्वास्थ्य संगठन न सिर्फ शहरों की वायु गुणवत्ता पर नजर रखता है, बल्कि समय-समय पर चेतावनी और उपाय भी सुझाता है।

12 शहर महाराष्ट्र के शामिल
हाल ही आई डब्ल्यूएचओ ने दुनिया के 91 देशों के 1600 शहरों में वातावरण व स्वास्थ्य पोषक वायु की उपलब्धता तथा अन्य मानकों पर सर्वेक्षण कर लिस्ट जारी की थी, जिसके अनुसार भी दुनिया के प्रदूषित शहरों में विदर्भ के तीन शहर सहित महाराष्ट्र के 12 शहर शामिल हैं। इनमें मुंबई, नागपुर, पुणे, औरंगाबाद, अमरावती, चंद्रपुर, कोल्हापुर, नाशिक, सांगली, सोलापुर, ठाणे व नवी मुंबई शामिल है। इस लिस्ट में चंद्रपुर देश के 124 शहरों में चौथा सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर है। इनमें से 500 शहर प्रदूषित व स्वास्थ्य की दृष्टि से घातक शहरों के रूप में चिन्हित किए गए हैं, जिसमें महाराष्ट्र के 12 शहरों के साथ विदर्भ के 3 शहर भी शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के सहायक महानिदेशक डॉ. फ्लाविया बुस्त्रो ने कहा कि इन शहरों में खुली हवा में सांस लेना मुश्किल है। इसके परिणाम बच्चों तथा बुजुर्गों को भुगतने पड़ेंगे। 

सबसे प्रदूषित 10 शहरों में 7 भारत के 
आईक्यूएयर एयरविजुअल एंड ग्रीनपीस की ओर से मार्च में जारी रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे ज्यादा प्रदूषित 10 शहरों में से सात भारत में हैं, और पांच तो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में ही मौजूद हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली से सटे गुरुग्राम, दुनिया का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर साबित हुआ।

शहर को जान और माल की भारी हानि
हाल ही में प्रस्तुत नागपुर एनवायरमेंट स्टटेस रिपोर्ट 2018-19 के अनुसार शहर बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण मानव स्वास्थ्य पर हो दुष्प्रभावों का आकलन किया जाए तो वर्ष 2016 में इससे पीएम 10 के कारण 3622 करोड़ रुपए की हानि हुई है। इसमें वायु प्रदूषण के कारण श्वसन संबंधी बीमारियों से मौत, बीमारी और अक्षमता के कारण होने वाले नुकसान को शामिल किया गया है।

84 एक्यूआई संतोषजनक
वायु गुणवत्ता के आधार पर एक्यूआई 0-50 के बीच अच्छा, 51-100 के बीच संतोषजनक, 101-200 के बीच मध्यम, 201-300 के बीच खराब, 301-400 के बीच अत्यंत खराब, 401-500 के बीच गंभीर, 500 के पार बेहद गंभीर माना जाता है। 

तत्काल उपाय योजना की जरूरत
शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति पर भले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नागपुर समेत कई सरकारी एजेंसियां सहमत न हों और उनका कहना है कि शहर अब भी अपेक्षाकृत कम प्रदूषित है। लेकिन उनकी दलील मानने लायक नहीं है। हाल ही दिवाली के बाद चंद्रपुर शहर में एंबियट एयर क्वालिटी को 22 दर्ज किया गया है, जो विश्वास के लायक नहीं है। नागपुर व चंद्रपुर में वायु गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए तत्काल उपाय योजना किए जाने की जरूरत है।
- प्रशांत गायकवाड़, पर्यावरणविद
 

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