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फडणवीस का आरोप - मुंबई में कोरोना से हुई 950 मौतों को छुपाया, राज्य की जेलों में मिले 269 कैदी कोरोना संक्रमित

फडणवीस का आरोप - मुंबई में कोरोना से हुई 950 मौतों को छुपाया, राज्य की जेलों में मिले 269 कैदी कोरोना संक्रमित

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिख कर सवाल किया है कि मुंबई में 950 से अधिक कोरोना संक्रमित लोगों की मौत को क्यों छुपाया गया। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई की दृष्टि से विचार किया जाए तो यह यहां के लोगों के लिए भी खतरनाक है। कोरोनो से होने वाली मौत को घोषित करने से पहले इसकी जानकारी मुंबई मनपा की डेथ ऑडिट कमेटी को भेजी जाती है। इस कमेटी की सहमति के बाद कोरोना से मृत्यु घोषित की जाती है। फडणवीस ने कहा कि ऐसे 451 मामले में जिसमें कोरोना से मौत होने पर इस समिति ने उसे नॉन कोरोना डेथ बताया। जबकि आईसीएणआर के मापदंडों के अनुसार ये सारी मौतें कोरोना की वजह से हुई थी। भाजपा नेका ने सवाल किया कि मनपा की डेढ ऑडिट कमेटी पर किसका दबाव है। उन्होंने पूछा कि राज्य सरकार इस कमेटी के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगी। फडणवीस ने कहा कि ऐसा लग रहा की कोरोना से होने वाली मौतों को जानबूझ कर छिपाया जा रहा है। फडणवीस ने कहा कि ऐसी भी जानकारी मिली है कि करीब 500 ऐसे  प्रकरण हैं जिसमें विभिन्न अस्पतालों में मरीजों की मृत्यु होने पर उनकी मौत का कारण कोरोना बताया गया है लेकिन इसे मनपा की डेथ ऑडिट कमेटी के सामने पेश नहीं किया गया। इन दोनों प्रकरणों में करीब 950 से अधिक कोरोना से हुई मौतों को छुपाया गया है।     

राज्य की जेलों में मिले 269 कैदी कोरोना संक्रमित

उधर राज्य सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को सूचित किया है कि राज्य की 11 जेलों में कोरोना के प्रकोप के मद्देनजर 17695 कैदियों की स्क्रिनिंग की गई है। जबकि 1681 कैदियों के स्वैब टेस्ट किया गया है। जेल में 269 कैदी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसमें 115 कैदी ठीक हो चुके हैं। सिर्फ चार कैदियों की कोरोना से मौत हुई हैं। जेल में 73 जेलकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसमें से 51 जेलकर्मी ठीक हो चुके हैं। यह आंकड़े 13 जून तक के हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व जेल महानिरीक्षक ने हलफनामा दायर कर अदालत को यह जानकारी दी है। यह हलफनामा हाईकोर्ट की ओर से 12 जून को दिए गए निर्देश के तहत दायर किया गया है। कोर्ट ने पीपल यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था। याचिका में मुख्य रूप से कैदियों की कोरोना से सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम किए जाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कैदियों के विषय में स्थानीय निकाय व जिलाधिकारी को भी हस्तक्षेप करने के लिए कहा गया है। जेल अधीक्षको को कैदियों की वीडियो कॉलिंग के जरिए बात करने के लिए फोन खरीदने के लिए कहा गया है। 
 

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