दैनिक भास्कर हिंदी: चार सप्ताह में बोर्ड छात्रों को दे श्रेणी सुधार वाला मार्कशीटः हाईकोर्ट 

August 5th, 2019

डिजिटल डेस्क ,मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने श्रेणी सुधार के तहत दोबारा विज्ञान संकाय से  कक्षा 12वीं की परीक्षा देने के बाद मार्कशीट न मिलने से परेशान छात्रा को राहत दी है। छात्रा सीता यादव (परिवर्तित नाम) ने पहली बार जब साल 2014 में 12वीं की परीक्षा दी थी तो उसे 60 प्रतिशत अंक मिले थे। पहली बार के परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट यादव ने महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की श्रेणी सुधार योजना के तहत साल 2015 में दोबारा परीक्षा दी। इस बार उसे 68 प्रतिशत अंक मिले। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसने अपनी दूसरी मार्कशीट (68 प्रतिशत वाली) की मांग की। लेकिन बोर्ड ने मार्कशीट देने से इंकार कर दिया। इसके बाद छात्रा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।  

न्यायमूर्ति अकिल कुरेशी व न्यायमूर्ति एस जे काथावाला की खंडपीठ के सामने याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान बोर्ड के वकील ने खंडपीठ के सामने कहा कि नियमानुसार छात्रा को श्रेणी सुधार के लिए दी गई परीक्षा की मार्कशीट के लिए परीक्षा परिणाम घोषित होने के 7 दिन के भीतर आवेदन करना चाहिए था लेकिन उसने काफी समय बाद आवेदन किया है। इस लिहाज से बोर्ड का छात्रा की मार्कशीट रोकने का निर्णय सही है।   वहीं छात्रा के वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल को सात दिन के नियम की जानकारी नहीं थी। उसने पहले कॉलेज के पास आवेदन किया था। जिसने आवेदन को भेजने में जल्दबाजी नहीं दिखाई। इस दौरान छात्रा के वकील ने हाईकोर्ट के एक फैसले की प्रति भी पेश की। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि छात्रा को उसके मेहनत के फल से वंचित करना तर्क संगत नहीं है। यदि छात्रा को मार्कशीट दी जाती है तो इससे किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। छात्रा ने नियमों के तहत परीक्षा दी है। इसलिए शिक्षा बोर्ड का मुंबई विभाग छात्रा से एक हजार रुपये का शुल्क लेकर आवेदन करने के बाद उसे चार सप्ताह में श्रेणी सुधार से जुड़ी मार्कशीट प्रदान करे और छात्रा अपनी पहली मार्कशीट बोर्ड के पास जमा करे।