comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बेहतर भविष्य के लिए बच्चे को नानी की बजाय हाईकोर्ट ने पिता को सौंपा

बेहतर भविष्य के लिए बच्चे को नानी की बजाय हाईकोर्ट ने पिता को सौंपा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय बच्चे के बेहतर भविष्य व उसके विकास लिए नानी की बजाय उसके पिता को सौंप दिया है। इससे पहले मुंबई की पारिवारिक न्यायालय बच्चे को उसकी नानी को सौंपा (कॉस्टडी) था। परिवारिक अदालत के इस फैसले के खिलाफ बच्चे के पिता ने हाईकोर्ट में अपील की थी। अपील में पारिवारिक अदालत की ओर से इस विषय पर 19 अप्रैल 2018 को दिए गए निर्णय को खामी पूर्ण बताते हुए इसे रद्द करने का आग्रह किया गया था। इसके साथ ही बच्चे की कस्टडी उसके पिता को सौंपने का निवेदन किया गया था। 

न्यायमूर्ति ए ए सैयद व न्यायमूर्ति पी.डी नाइक की खंडपीठ के सामने अपील पर सुनवाई हुई। इस दौरान बच्चे के पिता की ओर से पैरवी कर रही अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल पेशे से डॉक्टर है। उनकी पत्नी भी डॉक्टर है। साल 2002 में मुंबई में विवाह के बाद दोनों यूके में रहने के लिए चले गए। दोनों बाद में वही अस्पताल में नौकरी भी कर ली। इस बीच उन्हें साल 2007 में एक संतान हुई।उन्होंने ने खंडपीठ को बताया कि बच्चे को जन्म देने के बाद उनके मुवक्किल की पत्नी अवसाद का शिकार हो गई। इस दौरान एक बार वह अपने तीन साल के बेटे के साथ भारत भी आयी। साल 2015 में  में मेरे मुवक्किल की पत्नी बेटे को अपनी मां के पास छोड़कर फिर यूके आ गई। लेकिन उसकी(पत्नी) की मानसिक हालत में कोई सुधार नहीं आया। जिसके चलते उसे यूके के अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने खंडपीठ के सामने कहा कि इस सबके बीच जब मेरे मुवक्किल ने अपने सास से बेटे को सौपने की मांग की तो उन्होंने इंकार कर दिया और पारिवारिक अदालत में आवेदन दायर कर बच्चे की कस्टडी हासिल कर ली। 

उन्होंने ने दावा की पारिवारिक न्ययालय का आदेश नियमों के विपरीत है। मेरे मुवक्किल बच्चे के  पिता व  उसके नैसर्गिक सरंक्षक है। सिर्फ अपवादजनक परिस्थितियों में ही बच्चे की हिरासत अभिभावक के अलावा किसी अन्य को सौंपी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मेरे मुवक्किल पेशे से डॉक्टर है। जबकि बच्चे के शरीर मे एक ही किडनी है। इस लिहाज से वे बच्चे का यूके में बेहतर तरीके से देखरेख कर सकेंगे। 

वहीं बच्चे की नानी के वकील ने इस अपील का विरोध किया और पारिवारिक अदालत के फैसले को सही बताया। उन्होंने दावा किया कि बच्चे के पिता पेशे से डॉक्टर है इसके चलते वे काफी व्यस्त रहते है। इसलिए वे ठीक से बच्चे की देखरेख नहीं कर सकते है। उन्होंने कहा कि मेरी मुवक्किल साल 2015 से बच्चे की देखरेख कर रही है। इस दौरान उन्होंने बच्चे के पिता पर अपनी पत्नी व बेटे की उपेक्षा का भी आरोप लगाया। 

मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि पिता बच्चे की देखरेख नहीं कर सकता हमे इसकी कोई वजह नजर नहीं आती है। इसलिए बच्चे के बेहतर भविष्य व स्वास्थ्य को देखते हुई उसकी कस्टड़ी उसके पिता को सौपने का निर्देश दिया जाता है। और पारिवारिक अदालत के आदेश को रद्द किया जाता है। खंडपीठ ने 15 अप्रैल 2020 तक बच्चे की नानी को उसकी कस्टड़ी उसके पिता को सौंपने व पासपोर्ट लौटने का निर्देश दिया है। जिससे बच्चे को यूके ले जाया जा सके। खंडपीठ ने कहा कि यदि बच्चा अपनी नानी से मिलने की इच्छा जाहिर करे तो उसे स्कूल की छुट्टी में नानी से मिलने दिया जाए। 
 

कमेंट करें
Kj5Ha
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।